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कठुआ गैंगरेप: सीबीआई जांच की मांग पर भाजपा नेता लाल सिंह ने निकाली रैली, मंत्री पद से दिया था इस्तीफा

3 वर्ष पहले
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- लाल सिंह ने महबूबा सरकार पर नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने की मांग की।

- आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल होने की वजह से भाजपा के दोनों विधायकों पर इस्तीफे का दबाव बना था।

- भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि वे केस की सीबीआई जांच की मांग करते रहेंगे। 

 

 

सांबा.  कठुआ गैंगरेप-मर्डर केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए भाजपा नेता लाल सिंह ने मंगलवार को यहां पैदल मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और देश के लिए परेशानियां खड़ी हुईं इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया था। इस मामले में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से इस्तीफा देने को कहा। बता दें कि भाजपा के दो नेता- लाल सिंह और चंदर प्रकाश गंगा महबूबा सरकार में मंत्री थे। उन पर आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल होने का आरोप लगा। इसके बाद 13 अप्रैल को दोनों को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था।

 

 

मुख्यमंत्री लोगों की भावना नहीं समझ पाईं
- लाल सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री लोगों की भावनाओं को समझने में नाकाम रही हैं और अभी भी सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं कर रही हैं। यह उनकी (महबूबा की) सबसे बड़ी नाकामी है। अगर उनमें जरा भी बुद्धि और विवेक है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। 

 

महबूबा अपने अंतरआत्मा की आवाज सुनें
- उन्होंने कहा, "अगर दो मंत्री शांति के लिए अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं तो उन्हें भी अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनना चाहिए कि मौजूदा माहौल के लिए कौन जिम्मेदार है।"

 

प्रधानमंत्री के लिए मुश्किलें पैदा हुईं, इसलिए दिया इस्तीफा 
- लाल सिंह ने इस्तीफे के सवाल पर कहा कि राष्ट्रीय मीडिया ने जिस तरह का माहौल पैदा किया उससे लगा कि पूरा जम्मू क्षेत्र दुष्कर्मियों का पक्ष ले रहा है। जो स्थिति पैदा की गई वह हमारे प्रधानमंत्री और देश के लिए समस्या पैदा कर रहा था, जो सही नहीं था। इसकी वजह से हमने इस्तीफा दिया, जबकि हमने कोई गलती नहीं की थी।

 

क्या है मामला?
- जम्मू-कश्मीर में कठुआ जिले के रासना गांव में बकरवाल समुदाय की 8 साल की बच्ची को 10 जनवरी में अगवा किया गया था। एक हफ्ते बाद घर से कुछ दूर उसका शव बरामद हुआ था।
- पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी। आरोप गांव के एक मंदिर के सेवादार पर लगा। कहा जा रहा है कि बकरवाल समुदाय को गांव से बेदखल करने के इरादे से यह साजिश रची गई थी। इस मामले में एक नाबालिग समेत 8 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। सेशन कोर्ट इस केस की 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

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