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जोगी के लिए काम कर रहे कौशिक और राय कांग्रेस से बर्खास्त, नए उम्मीदवारों की तलाश शुरू

3 वर्ष पहले
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रायपुर.    कांग्रेस में रहकर दो साल जोगी कांग्रेस के लिए काम कर रहे  बागी विधायक सियाराम कौशिक और आरके राय को आखिरकार पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। पीसीसी अनुशासन समिति के इस फैसले  पर कांग्रेस आलाकमान ने अपनी मुहर लगा दी है। इसके साथ ही कांग्रेस ने दो और विधायकों को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। इससे पहले कांग्रेस ने मरवाही विधायक अमित जोगी को पार्टी से बाहर निकाला था।  उल्लेखनीय है कि दोनों विधायक लगभग दो साल से पार्टी से बाहर निकालने खुलेआम पीसीसी चीफ भूपेश बघेल को चुनौती भी दे रहे थे। 

 

पिछले दिनों राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के व्हिप का उल्लंघन करते हुए कौशिक और राय ने मतदान का बहिष्कार किया था। इस पर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव काफी नाराज हुए थे। उन्होंने दोनों नेताओं पर कार्रवाई के लिए पीसीसी को पत्र भी लिखा था। इसके बाद ही दोनों नेताओं को पीसीसी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 

 

हताशा भरी कार्रवाई, कार्रवाई का महत्व नहीं : राय 
कांग्रेस से बर्खास्तगी पर​ विधायक आरके राय ने कहा है कि अभी मुझे फैसले की जानकारी नहीं है, लेकिन अगर इस तरह को कोई  फैसला  आया है, तो यह कांग्रेस की हताशा भरी कार्रवाई है। हम तो पिछले दो साल से जोगी के साथ हैं। हमने इसकी घोषणा भी की थी, उस समय ये लोग कहां थे। अब इस कार्रवाई  का कोई महत्व नहीं है। 

 

जोगी जनाधार वाले नेता, उनके खिलाफ कहे गए शब्द बर्दाश्त नहीं : कौशिक 
सियाराम कौशिक ने कहा कि हमने कांग्रेस के खिलाफ काम नहीं किया है। हमने हमेशा बीजेपी की खिलाफत की है। कौशिक ने कहा की इस बार अजीत जोगी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। जोगी जनाधार वाले नेता हैं, उनके खिलाफ कहे गए शब्द को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अब आगे सोचेंगे कि क्या करना है।

 

कांग्रेस में नए उम्मीदवारों की तलाश शुरू
दोनों विधायकों की बर्खास्तगी के साथ ही विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तीन सीटों मरवाही, बिल्हा और गुंडरदेही के लिए कांग्रेस में नए उम्मीदवारों की तलाश शुरू हो गई है। 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने तीनों सीटों को अपने पाले में करके भाजपा के लिए कड़ी चुनौती पेश की थी। बिल्हा में जहां सियाराम कौशिक ने 2008 के चुनाव में मिली हार का बदला लेते हुए भाजपा के धरमलाल कौशिक को 6.19 फीसदी मतों से पराजित किया।

 

वहीं, नौकरी छोड़कर राजनीति में कांग्रेस की टिकट पर 2013 में गुंडरदेही से चुनाव लड़ने वाले आरके राय ने 12.68 फीसदी मतों की बढ़त के साथ भाजपा के वीरेंद्र कुमार साहू का पराजित किया था। उल्लेखनीय है कि परिसीमन के बाद 2008 में पहली बार गुंडरदेही विधानसभा सीट से भाजपा के वीरेंद्र कुमार साहू ने कांग्रेस के घनाराम साहू को 1.86 फीसदी मतों से पराजित किया था। मरवाही सीट पारंपरिक रूप से कांग्रेस के पास रही है। लगातार तीन चुनावों में कांग्रेस को जीत मिली है। 2003 और 2008 में जहां अजीत जोगी जीते थे वहीं, 2013 में अमित जोगी को रिकार्ड मतों से जीत मिली थी। 

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