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मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
\'ऐ मेरे वतन के लोगों\' के स्वर्ण जयंती समारोह में नरेंद्र मोदी और लता मंगेशकर के शामिल होने की उम्मीद है.
मशहूर गीत \'ऐ मेरे वतन के लोगों\' का स्वर्ण जयंती समारोह मुंबई में 27 जनवरी को मनाया जाएगा.
इस गीत को गाने वाली लता मंगेशकर और भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के इस समारोह में शामिल होने की उम्मीद है. लेकिन हैरानी की बात ये है कि गीत को लिखने वाले कवि प्रदीप का परिवार इसमें शामिल नहीं होगा.
कवि प्रदीप का 1998 में निधन हो गया था. उनकी बेटी मितुल प्रदीप ने बीबीसी को बताया कि समारोह के आयोजकों ने उन्हें शामिल होने के लिए न्यौता दिया लेकिन वो इसमें शामिल नहीं होंगी.
मितुल ने इसकी वजह बताते हुए कहा, \"एक महीने पहले इंदौर में हुए एक सार्वजनिक समारोह में मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजय वर्गीय ने मेरे पिता प्रदीप का बहुत अपमान किया. कैलाश जी ने कहा कि \'दे दी हमें आज़ादी बिना खड्ग बिना ढाल\', लिखने वाले गीतकार को घूंसा मारना चाहिए. ये गाना मेरे पिता ने लिखा था. इसलिए मैं ऐसे किसी समारोह में नहीं जाना चाहती जिसमें भाजपा का कोई भी नेता मौजूद हो.\"
\'नहीं मांगी माफ़ी\'कैलाश विजयवर्गीय पर ये आरोप लगाने वाली मितुल से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने या भाजपा के किसी नेता ने बाद में उनसे संपर्क नहीं किया या माफ़ी नहीं मांगी तो मितुल ने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी जिसके बाद उनका जवाब आया कि उन्होंने मेरी शिक़ायत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचा दी है.
मितुल ने बताया, \"इस सारे घटनाक्रम के बाद मेरे पास कैलाश विजयवर्गीय का जवाब आया कि वो मेरे पिता ही नहीं बल्कि सूरदास, मीरा जैसे महान लोगों की भी विचारधारा से सहमत नहीं हैं और उन्होंने जो कहा वो उनकी अभिव्यक्ति थी.\"
मितुल ने बताया कि उनसे किसी तरह की माफ़ी नहीं मांगी गई. वो मानती हैं कि जब भाजपा के एक नेता ने उनके पिता के लिखे एक गीत का अपमान किया तो उन्हीं के लिखे दूसरे गीत के सम्मान समारोह में उसी पार्टी के सबसे बड़े नेता क्यों शामिल हो रहे हैं.
मितुल के मुताबिक़ इसके बाद भी उन्होंने नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी लेकिन फिर उसका कोई जवाब नहीं आया. वो चाहती हैं कि उनके पिता के \'अपमान\' के लिए उनसे और पूरे परिवार से कैलाश विजयवर्गीय माफ़ी मांगें.
जब हमने इस बारे में कैलाश विजयवर्गीय से बात की तो उन्होंने कहा कि , \"मामला ख़त्म हो गया है. वो तो कुछ भी आरोप लगा सकती हैं.\"
कैलाश विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि इस बारे में विस्तार से वो जवाब तभी देंगे जब मितुल प्रदीप से बात करके पूरी जानकारी हासिल करेंगे.
\'ऐ मेरे वतन के लोगों\'27 जनवरी 1963 को \'ऐ मेरे वतन के लोगों\' गीत सबसे पहले लता मंगेशकर ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के सामने गाया था.
वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में मारे गए भारतीय सैनिकों की याद में कवि प्रदीप ने ये गाना लिखा था और कहते हैं कि जब इसे नेहरू ने सुना तो उनकी आंखों से आंसू झलक आए.
बाद में कवि प्रदीप ने भी ये गाना जवाहरलाल नेहरू के सामने गाया था.
इसका स्वर्ण जयंती समारोह मुंबई में 27 जनवरी को मनाया जाएगा जिसमें एक साथ एक लाख लोग इस गीत को लता मंगेशकर की मौजूदगी में गाएंगे.
समारोह में नरेंद्र मोदी विशिष्ट अतिथि होंगे. उम्मीद की जा रही है कि लता मंगेशकर भी गायकों के सुर में सुर मिलाएंगी.
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