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डाउनलोड करेंहेल्थ डेस्क। निपाह वायरस के इंफेक्शन से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। केरल के कोझिकोड जिले में इस इंफेक्शन ने सबसे ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लिया। पेरांबर तालुक अस्पताल में काम करने वाली नर्स लिनी की भी इंफेक्शन से मौत हो गई। लिनी ने आखिरी दम तक परिवार को खुद से दूर रखा था, ताकि उनसे उनके परिजनों को संक्रमण न फैले। निपाह वायरस ठीक करने का एकमात्र तरीका सही देखभाल है।
चमगादड़ से ही क्यों फैलता है वायरस
चमगादड़ एकमात्र ऐसा स्तनधारी (मैमल) है जो उड़ सकता है। यह वायरस को एक से दूसरी जगह तेजी से फैलाता है। एशिया पेसिफिक सोसायटी आॅफ क्लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी एंड इंफेक्शन के जनरल सेक्रेटरी प्रोफेसर पॉल अनंथ के मुताबिक चमगादड़ का मेटाबॉलिज्म तेज होने के कारण वायरस इनके शरीर में बिना नुकसान पहुंचाए काफी समय तक जिंदा रह सकता है। चमगादड़ का खाया हुआ फल या सब्जी खाने से इस खास तरह का फंगल इंफेक्शन भी हो सकता है जो फेफड़ों के साथ स्प्लिीन और बोनमैरों को नुकसान पहुंचाता है।
कैसे फैल रहा है निपाह वायरस
WHO के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ से फलों में औश्र फलों से इंसानों, जानवरों में फैल रहा है। यह वायरस चमगादड़ के मल, मूत्र और लार में पाया जाता है। अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, खजूर की खेती से जुड़े लोगों को ये इंफेक्शन जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है। 1998 में पहली बार मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह में इसके मामले सामने आए थे। इस जगह के कारण इी इसे निपाह वायरस नाम दिया गया।
#क्या हैं इस खतरनाक बीमारी के संकेत...
- इंफेक्शन के शुरुआती दौर में सांस लेने में दिक्कत होती है। मरीजों में न्यूरोलॉजिकल दिक्कतें भी होने लगती हैं। जैसे दिमाग में
जलन महसूस होती है।
- इसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है।
- बुखार आना, सिरदर्द होना, आलस आना, भूल जाना भी इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
- उल्टी और चक्कर आना भी इस इंफेक्शन के लक्षण हैं। बेहोशी, उबकाई, पेट में दर्द भी इसके लक्षणों में शामिल हैं।
- ऐसा लगातार हो रहा है तो तुरंत फिजिशियन से संपर्क करें। अपने मन से दवाएं न खाएं।
- डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ मामलों में 24 से 48 घंटे के अंदर लक्षण बढ़ने पर मरीज कोमा में चला जाता है।
इन 5 वजहों से आप हो सकते हैं निपाह के शिकार, देखिए अगली स्लाइड में...
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