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जानलेवा है किडनी का कैंसर, बॉडी के इन 5 बदलावों से कर सकते हैं इसकी पहचान

किडनी कैंसर को रेनल कार्सिनोमा renal carcinoma भी कहते हैं।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 09:46 PM IST

हेल्थ डेस्क। किडनी कैंसर को रेनल कार्सिनोमा renal carcinoma कहते हैं। ऐसा तब होता है जब एक या दोनों किडनी में सेल्स बढ़ना शुरू हो जाती हैं और ट्यूमर का रूप ले लेती है। ये कैंसर महिला और पुरुष दोनों को हो सकता है।

# ये हैं कारण

- कोलंबिया यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मिनीष खत्री ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हाई ब्लड प्रेशर, किडनी डिसीज, जैनेटिक प्रॉब्लम कुछ ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से ये कैंसर होता है।

- ये जेनेटिक हिस्ट्री के कारण भी होता है। इसके अलावा किडनी कैंसर होने के दूसरे कारण भी हैं।

- अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो किडनी कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है।

- जिन लोगों का वेट ज्यादा होता है उनको भी किडनी कैंसर होने के चांसेज होते हैं।

- अगर आप लंबे समय से एस्प्रिन, बूफ्रेन जैसी दवाईयां खा रहे हैं तो आपको किडनी कैंसर होने के चांसेज बढ़ जाते हैं।

आगे की स्लाइड्स पर जानिए किडनी कैंसर के संकेतों के बारे में...

1. यूरिन में ब्लड आना

 


- ये किडनी कैंसर का प्राइमरी संकेत हैं। किडनी कैंसर एसोसिएशन के अनुसार जिस पेशेंट का किडनी कैंसर 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है उनमें ये संकेत देखा गया है।

 

- ब्लड आने से यूरिन का कलर पिंक, रेड और ब्राउन हो जाता है। ब्लैडर और किडनी इंफेक्शन, किडनी स्टोन आदि में यूरिन में ब्लड आता है। इसलिए यूरिन में ब्लड दिखते ही डॉ से कंसल्ट करें। 

2. साइड और लोअर बैक में गठान 

 

- एबडोमिन के नीचे या साइड में कोई गठान होना किडनी कैंसर का संकेत माना जाता है।

 

- यह गठान हार्ड, पतली और उभरी हुई हो सकती है। 45% किडनी कैंसर के मरीजों में ये संकेत देखा गया है।

 

- कैंसर के अर्ली स्टेज में ये गठान हार्ड रहती है। इसे डॉक्टर सिटी स्कैन और वायोप्सी के जरिए पता कर सकते हैं।

3. एनीमिया 

 

- एनीमिया भी किडनी कैंसर का संकेत है। 21% किडनी कैंसर के पेशेंट ने एनीमिया की शिकायत की है। इसमें रेड सेल काउंट भी लो हो जाती हैं।  

4. लोअर बैक पेन 

 

- बैक पेन 40 साल के बाद कॉमन हो जाता है। यह किसी प्रकार की इंज्यूरी के कारण भी हो सकता है। लेकिन 41% किडनी कैंसर के मरीजों ने बैक पेन की शिकायत की है।

 

- यह दर्द धीमे से लेकर तेज होता है। यह लोअर बैक के साथ ही रिब्स में भी होता है। लगातार पेन होने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।   

5. बुखार आना और बिना किसी कारण के वेट लॉस होना 

 

- लगातार फीवर आना और बिना किसी कारण के वेट लॉस होना भी किडनी कैंसर का संकेत है। 28% किडनी कैंसर के पेशेंट ने वेट लॉस की शिकायत की है।

 

- ये दूसरी परेशानियों से मिलते हुए संकेत भी हैं। इसलिए लोग ध्यान नहीं देते। इन्हें इग्नोर किए बिना डॉ से कंसल्ट करें। 

6. सबसे पहले होता है ये टेस्ट

 

- किडनी कैंसर के लिए सबसे पहले डॉक्टर यूरिन टेस्ट करते हैं। ब्लड टेस्ट भी किया जाता है, जिससे पता चलता है कि आपकी किडनी प्रॉपर ढंग से काम कर रही है या नहीं।

 

- इसमें ब्लड काउंट (व्हाइट ब्लड सेल्स या रेड ब्लड सेल्स) और प्लेटलेट्स को चेक किया जाता है।