किडनी फैलियर के मामले बढ़े: डॉ. मुनीश
मारंडा|किडनी फैलियर एक ऐसी स्थिति है जिसमें दोनों किडनी स्थाई रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं । किडनी की विफलता के बाद एक मरीज को डायलिसिस पर रहना पड़ता है या किडनी ट्रांसप्लांट का विकल्प चुन सकता है। ट्रांसप्लांट के बाद एक व्यक्ति एक सक्रिय, स्वस्थ और स्वतंत्र जीवन जी सकता है। यह बात यहां विश्व किडनी दिवस के मौके पर पालमपुर से संबंधित व मोहाली के एक अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट-नेफ्रोलॉजी व किडनी ट्रांसप्लांट, डॉ. मुनीश चौहान ने कही। उन्होंने कहा कि किडनी की फैलियर के सामान्य कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस, पथरी और किडनी में संक्रमण और कुछ दवाओं के हानिकारक उपयोग हैं। अब तक किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट में 750 सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरे किए है।