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14.50 करोड़ में बिका किशोर कुमार का ये बंगला, मुंबई छोड़कर इसी घर में आना चाहते थे किशोर दा

3 वर्ष पहले
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  • किशोर की वसीयत के मुताबिक, उनकी अंतिम यात्रा इसी बंगले से निकली थी
  • बंगले का सौदा करने वाले कॉलोनाजर इस जमीन पर कॉम्पलेक्स बनाना चाहते हैं

 

 

खंडवा (मध्य प्रदेश).  मशहूर गायक किशोर कुमार का यहां बॉम्बे बाजार स्थित पुश्तैनी बंगला बिकने वाला है। 14.5 करोड़ में इसका सौदा हो गया है। जर्जर हो चुका यह भवन 7 हजार 200 वर्ग फीट में फैला है। शहर के कॉलोनाइजर अभय जैन का दावा है कि उन्होंने 20 हजार रुपए वर्ग फीट के भाव से इसका सौदा तय किया है। कुछ हिस्सा विवादित है, लिहाजा रजिस्ट्री में करीब एक साल लगेगा। हालांकि, किशोर के भतीजे अर्जुन कुमार ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में इस पर हैरानी जताई है। क्योंकि उन्हें इस सौदे के बारे में जानकारी ही नहीं है। 

 

 

 

किशोर के बेटे ने किया सौदा
- अभय जैन के मुताबिक, वे करीब दो हफ्ते पहले मुंबई गए थे वहां किशोर कुमार के बेटे सुमित कुमार के साथ सौदा तय हुआ था। 
- जैन के मुताबिक, बंगले के एक हिस्से में 15-20 दुकानें हैं। इनमें से तीन की रजिस्ट्री हुई है बाकी का कब्जा है। इस विवाद को सुलझाने में करीब एक साल लगेंगे इसके बाद रजिस्ट्री की जाएगी। 
- अभय इस जमीन पर कॉम्पलेक्स बनाना साथ ही किशोर की यादों को संजोना चाहते हैं।

 

भतीजे का दावा बंगला उनके नाम है
- किशोर कुमार के भतीजे और पूर्व अभिनेता अनूप कुमार के बेटे अर्जुन कुमार का दावा है कि यह बंगला उनके नाम है। उनका कहना है कि उन्हें इस सौदे की खबर मीडिया से मिली है। 

 

इसी बंगले में रहना चाहते थे किशोर

- 4 अगस्त 1929 को खंडवा में जन्मे किशोर का निधन 13 अक्टूबर 1987 को हुआ था।

- किशोर जिंदगी का आखिरी वक्त इसी बंगले में गुजारा चाहते थे। 

- किशोर की वसीयत के मुताबिक, उनकी अंतिम यात्रा इसी बंगले से निकली थी। 

 

प्रशंसकों ने कहा- यह हमारे लिए मंदिर, बिकने नहीं देंगे

- किशोर कुमार प्रशंसकों में इस खबर से नाराजगी है। वो विरोध-प्रदर्शन की तैयारी में हैं। 
- किशोर सांस्कृतिक प्रेरणा मंच, गुवाहाटी के स्वरूपदास, नासिक जिला आर्केस्ट्रा एसोसिएशन और लखनऊ स्थित किशोर कुमार मेमोरियल कल्चर एसोसिएशन का कहना है कि यह बंगला उनके लिए मंदिर से कम नहीं है। वो इसे बिकने नहीं देंगे।  

 

नगर निगम 3 बार इसे तोड़ने का नोटिस दे चुका

 - देखरेख नहीं होने की वजह से मकान का पिछला हिस्सा काफी जर्जर हो चुका है। हादसे की आशंका को देखते हुए नगर निगम इसे तोड़ने के लिए तीन बार नोटिस दे चुका है। हालांकि, एन मौके पर विरोध की वजह से कार्रवाई को टालना पड़ा। 

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