कुंदन ग्रुप 45.62 करोड़ देकर करेगा रिशी गंगा पावर प्रोजेक्ट टेकओवर

4 वर्ष पहले
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द नेशनल कंपनी लाॅ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की चंडीगढ़ बेंच में लगा सूबे का दूसरा हाई प्रोफाइल केस साॅल्व हो गया है। अब कुंदन ग्रुप बैंकों को 45.62 करोड़ रुपये अदा करके जोशी मठ में लगा रिषी गंगा पावर प्रोजेक्ट टेकओवर कर लेगा। यह जानकारी पुरषोतम एंड एसोसिएट्स के सीए निपन बांसल ने दी है। उन्होंने बताया कि रिषी गंगा पावर कार्पोरेशन ने पंजाब नेशनल, ओबीसी और कोटक महिंद्रा के 160 करोड़ रुपए देने थे और देनदारी न देने पर कंपनी का अकाउंट एनपीए हो गया। इस पर पीएनबी ने 25 जनवरी 2018 को एनसीएलटी में केस फाइल कर दिया आैर 30 जनवरी को एनसीएलटी ने उन्हें बतौर रेजोलुशन प्रोफेशनल नियुक्त करन दिया। उन्होंने बताया कि 10 माह चली सुनवाई के बाद 13 नवंबर को एनसीएलटी ने कुंदन ग्रुप को 45.62 करोड़ देकर कंपनी का प्रोजेक्ट टेकओवर करने के आॅर्डर जारी कर दिए हैं। इससे जहां बैंकों का 45.62 करोड़ रुपये रिकवर हो जाएगा, वहीं कंपनी की 90 करोड़ की चल रही लीगल कार्रवाई पूरी होने पर यह राशि भी रिकवर होने की उम्मीद बंध गई है। बांसल ने बताया कि इससे पहले एनसीएलटी में लगा अमृतसर के रेडिसन का भी 90 करोड़ रुपए की लेनदारी का केस साल्व हो चुका है।

किनका रहा केस साॅल्व कराने में सहयोग : निपन बांसल ने बताया कि केस साल्व कराने में यंग सीए अक्षित महेश्वरी, नेहा गोयल, पलक गुप्ता के अलावा एडवोकेट हर्ष गर्ग, पुलकित गोयल, केशव प्रताप सिंह, पूर्व एडवोकेट जनरल पंजाब अशोक अग्रवाल और मुनीशा गांधी का विशेष सहयोग रहा है।

लुधियाना बेस्ड सीए कंपनी का केस में रहा अहम योगदान

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