• Home
  • Jeevan Mantra
  • Jyotish
  • Rashi Aur Nidaan
  • kundli reading about money and home, कैसे लोगों को मिलता है बड़ा घर और मान-सम्मान, ज्योतिष के इस तरीके से हो सकता है मालूम
--Advertisement--

कैसे लोगों को मिलता है बड़ा घर और मान-सम्मान, ज्योतिष के इस तरीके से हो सकता है मालूम

किसी भी व्यक्ति की कुंडली से मालूम हो सकता है कि उसे सुख-सुविधाएं मिलेंगी या नही।

Danik Bhaskar | Apr 19, 2018, 04:36 PM IST

रिलिजन डेस्क। कुंडली के किसी एक भाव में 2 या 2 से अधिक ग्रहों के संयोग की युति को योग कहते हैं। योग ग्रहों और राशि स्वामी का आपस में परिवर्तन होने से और दृष्टि संबंध से भी बनते हैं। योग 3 प्रकार के होते हैं। शुभ योग, अशुभ योग और राजयोग। योग का फल संबंधित ग्रहों की महादशा, अन्तर्दशा और प्रत्यन्तर्दशा में मिलता है। यदि कुंडली के किसी भाव में 1 से ज्यादा ग्रह हैं तो जिस ग्रह की दशा पहले आती है, उसकी दशा में फल मिलता है। योग का फल ग्रहों के शुभ और अशुभ होने पर निर्धारित होता है। यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार 2 ग्रहों से बनने वाले योगों का फल...

1. सूर्य-बुध की युती हो तो व्यक्ति विद्वान होता है। घर-परिवार और समाज में सम्मान प्राप्त करने वाला, अच्छा वक्ता और स्थाई संपत्तियों का मालिक होता है।

2. कुंडली में सूर्य एवं चंद्र की युति किसी भी भाव में हो तो व्यक्ति नकली वस्तु बनाने वाला, कार्य कुशल, पराक्रमी होता है।

3. सूर्य-मंगल की युति हो तो व्यक्ति झूठ बोलने वाला, तेजस्वी, भाइयों से अच्छे संबंध रखने वाला और शक्तिशाली होता है।

4. सूर्य और गुरु की युति हो तो व्यक्ति राजा से सम्मान प्राप्त करने वाला, धर्म में आस्था रखने वाला, धनवान, शिक्षक और फेमस होता है।

5. सूर्य-शुक्र की युति हो तो व्यक्ति शास्त्रों का जानकार होता है। आंखों का रोगी, स्त्री से धन प्राप्त करने वाला और कार्यकुशल होता है।

6. सूर्य-शनि की युति हो तो व्यक्ति विद्वान होता है। अनुभवी और कार्यों कुशल होता है। पत्नी और संतान से वाद-विवाद हो सकते हैं।

7. सूर्य-राहु की युति हो तो व्यक्ति मानसिक तनाव का सामना करता है और जिद्दी तथा भ्रमित रहने वाला होता है।

8. सूर्य-केतु की युति हो तो व्यक्ति आंखों का रोगी, जिद्दी, सभी कार्यों में योग्य, विद्वान होता है।