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धन के लिए कछुए वाली अंगूठी पहनना चाहते हैं तो 30 अप्रैल को है सबसे खास मुहूर्त

अक्सर लोग धन की कमी को दूर करने के लिए कछुए वाली अंगूठी पहनते हैं।

Danik Bhaskar | Apr 28, 2018, 05:32 PM IST

रिलिजन डेस्क. अक्सर लोग घर के वास्तुदोष दूर करने के लिए घर में कछुए की मूर्ति रखते हैं या धन की कमी को दूर करने के लिए कछुए वाली अंगूठी पहनते हैं। अगर आप भी ऐसा कुछ करना चाहते हैं तो 30 अप्रैल वैशाख पूर्णिमा पर इसका सबसे दुर्लभ मुहूर्त है। पूरे साल का ये सबसे खास दिन है जब आप धन की समस्या से मुक्ति पाने के लिए या घर के वास्तुदोष को दूर करने के लिए कोई उपाय कर सकते हैं।

30 अप्रैल को वैशाख पूर्णिमा पर भगवान गौतम बुद्ध का जन्म उत्सव तो है ही, इसी दिन भगवान विष्णु के एक और रुप कूर्म अवतार का जन्मोत्सव भी है। कूर्म यानी कछुआ। भागवत महापुराण में कथा है कि जब देवता और दानवों ने अमृत की प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन का निर्णय लिया। मदरांचल पर्वत को मथनी और वासुकी नाग को रस्सी बनाकर समुद्र को मथा गया। जब मदरांचल पर्वत समुद्र में स्थिर नहीं हो रहा था तब भगवान विष्णु ने कछुए का रुप लेकर समुद्र के अंदर उसे अपनी पीठ पर रखा था। भगवान के इसी रूप को कूर्म या कश्यप अवतार कहा गया है।

आमतौर पर हमारी परंपराओं में कूर्म जन्मोत्सव मनाने की कोई बड़ी परंपरा नहीं है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये दिन नए मकान का निर्माण शुरू करने, उसके वास्तु को ठीक करने, वास्तु दोषों के निराकरण के लिए सबसे खास दिन है। आप धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए अपने हाथ की इंडेक्स फिंगर या रिंग फिंगर में कछुए वाली अंगूठी पहन सकते हैं। इससे ऐसा नहीं होगा कि कोई धन की बारिश हो जाएगी लेकिन आपको धन के मामलों में जो रुकावटें आ रही हैं वो दूर हो जाएंगी।

ऐसे पहने कछुए वाली अंगूठी

एक दिन पहले चांदी की कछुआ अंगूठी खरीद कर ले आएं।

इसे कच्चे दूध या गंगा जल में डुबो कर घर के मंदिर में रख दें।

वैशाख पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और कश्यप (कूर्मावतार) का ध्यान करें।

11 बार ऊँ श्रीं कुर्माय नमः मंत्र का जाप करें और कूर्म भगवान से प्रार्थना करें।

दोपहर 12 से 12.30 के बीच अभिजीत मुहूर्त में अपने सीधे हाथ की इंडेक्स या रिंग फिंगर में अंगुठी पहन लें।