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डाउनलोड करेंकुरुक्षेत्र. बेटी बचाने में कुरुक्षेत्र प्रदेशभर में अव्वल रहा है। कुरुक्षेत्र से बेटियों को बचाने में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के क्षेत्र को पछाड़ दिया है, लेकिन एक साल पहले कुरुक्षेत्र लिंगानुपात में 21वें स्थान पर था। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के कारण जिला अव्वल रहा है। लिंगानुपात की दिशा में बेहतर काम करके पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा बेटी बचाने में पहला स्थान हासिल किया है।
कुरुक्षेत्र में एक हजार लड़कों के पीछे 1017 लड़कियां
लिंगानुपात में पिछड़ा कुरुक्षेत्र अब प्रदेशभर में बेटी बचाने के मामले में टॉप पर आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम पीएनडीटी एक्ट के अनुसार अभी तक 31 जगह पर छापेमारी कर चुकी है। जिनमें से विभाग की टीम को 27 में कामयाबी हासिल हुई। इन सभी मामलों में 105 सदस्यों की गिरफ्तारी हुई। अप्रैल माह में कुरुक्षेत्र में एक हजार लड़कों के पीछे 1017 लड़कियां हैं।
बेटी बचाओ एक लाख पाओ
कोई भी व्यक्ति जिलेभर में हो रहे भ्रूण लिंग जांच की गुप्त सूचना स्वास्थ्य विभाग को देकर बेटी बचाने में अपना सहयोग दे सकता है। इस समाज हित के काम के साथ-साथ वह विभाग से अच्छे पैसे भी कमा सकता है। सरकार लिंग जांच की गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति को रेड कामयाब होने के बाद एक लाख रुपए का पुरस्कार देती है। विभाग द्वारा गुप्तचरों की पहचान गुप्त रखी जाती है। अभी तक गुप्त सूचना देन को लेकर 8 लोगों को एक-एक लाख रुपए की राशि मिल चुकी है।
यह है लिंगानुपात
| जिला | लिंगानुपात | जिला | लिंगानुपात |
| रोहतक | 876 | पंचकूला | 921 |
| कुरुक्षेत्र | 1017 | भिवानी | 919 |
| गुड़गांव | 993 | जींद | 914 |
| हिसार | 984 | रेवाड़ी | 910 |
| झज्जर | 982 | पानीपत | 908 |
| कैथल | 962 | फतेहाबाद | 903 |
| फरीदाबाद 954 | 954 | सोनीपत | 901 |
| नूंह | 943 | यमुनानगर | 895 |
| पलवल | 924 | अंबाला | 893 |
| महेंद्रगढ़ | 886 | करनाल | 879 |
| सिरसा | 877 |
परिवार नियोजन अधिकारी डॉ. आरके सहाय ने कहा कि एएनएम को क्षेत्र विशेष की पूरी जानकारी होती है। उन्हें पता होता है कि किस घर में नई शादी हुई है। अधिकतर परिवार के सदस्य पहले बच्चे के रूप में लड़के की इच्छा करते हैं, जिसके चलते भ्रूण हत्या कराने की सोचते हैं। इसपर संबंधित एएनएम को नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि एएनएम की जागरूकता के चलते लिंगानुपात में और सुधार हो सकता है। इसके साथ ही जिन घरों में पहली बेटी है, उनपर भी नजर बनाकर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ की हड्डी आशा वर्कर होती हैं।
प्रदेश में बेटियों को बचाने में कुरुक्षेत्र अव्वल : डॉ. नैन
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पीएनडीटी एक्ट को लेकर गंभीर है। शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग अधिकारी छापेमारी कर रहे हैं। जिले का लिंगानुपात जल्द और सुधरेगा।
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