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डाउनलोड करेंदिल्ली एक अदालत ने 1975 में भारत के रेलमंत्री ललित नारायण मिश्रा के हत्याकांड के चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया है.
सभी अभियुक्तों को इंडियन पीनल कोड की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी माना गया है और चारो को हिरासत में ले लिया गया है.
अदालत 15 दिसंबर को इन चारों को सज़ा सुनाएगी.
200 से अधिक गवाहियांदो जनवरी, 1975 को तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र पर बिहार में तब बमों से हमला हुआ था जब वे समस्तीपुर जिले में ब्रॉड गेज रेलवे लाइन का उद्घाटन करने गए थे.
हमले के अगले दिन उनकी इलाज के दौरान पटना में मौत हो गई थी.
घटना के बाद 24 जनवरी 1975 को आरोप पत्र दाखिल हुआ था. चार साल तक बिहार में ही मामले की सुनवाई चली. इस दौरान मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई.
फिर अभियुक्तों की निष्पक्ष जांच की मांग पर 17 दिसंबर 1979 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया.
इस दौरान 22 से अधिक जजों ने मामले की सुनवाई की और मामले में 200 से अधिक गवाहियां हुईं.
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