पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Rohtak
  • बास खुड़ाना में शहीद स्मारक निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से शहीद के परिजनों और ग्रामीणों में रोष

बास खुड़ाना में शहीद स्मारक निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से शहीद के परिजनों और ग्रामीणों में रोष

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज | आकोदा/ महेंद्रगढ़

गांव बास खुड़ाना में शहीद श्रीभगवान के शहीदी स्मारक के निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर शहीद के परिजनों व ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। स्मारक के निर्माण को लेकर एक वर्ष पहले सरकार की ओर से पंचायत के पास 10 लाख रुपए की ग्रांट आ चुकी है। इसके अलावा शहीद के परिजन भी ईंटें व अन्य निर्माण सामग्री की व्यवस्था अपने स्तर पर कर चुके हैं। बावजूद इसके ग्राम पंचायत व पंचायत विभाग की मिलीभगत से निर्माण कार्य में देरी की जा रही है। बीते फरवरी में यही मामला समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ तो प्रशासन की आंख खुली, परंतु उसका भी कोई फायदा नजर नहीं आया। परिजनों के अनुसार इस मामले की सीएम विंडो पर भी शिकायत की। बावजूद इसके शिकायत का समाधान नहीं होना सरकार की बेबसी व प्रशासन की लाचारी को ही दर्शाता है। ग्रामीणों व शहीद के परिजनों ने इसकी निष्पक्ष जांच करवाकर स्मारक के शीघ्र निर्माण की मांग की है।

आकोदा. अधूरा पड़ा शहीद स्मारक का निर्माण कार्य।

शहीद के छोटे भाई ने ये लगाए आरोप

बास खुड़ाना निवासी शहीद के छोटे भाई प्रदीप कुमार ने आरोप लगाए कि शहीद स्मारक के पैसे से सरपंच प्रतिनिधि ने गांव में गलियां बनवा दी। गलियों का पैसा अटकने के कारण शहीद स्मारक का निर्माण अधर में है। सरियों को लेकर पंचायत के खाते से चैक कट चुका है, परंतु चेक के बदले मिलने वाले 2 एमएम, 8 एमएम, 10 एमएम व 16 एमएम के सरियों पता नहीं कहां है।

वर्ष 2016 में हुआ था शहीद

बास गांव का श्रीभगवान बीते 6 दिस बर 2016 को अरुणाचल प्रदेश में छाती में गोली लगने के कारण शहीद हो गया था। उनकी स्मृति में बनाए जाने वाले शहीद स्मारक का निर्माण कार्य बीते करीब 9 माह पहले शुरू किया गया था। स्मारक बनाए जाने को लेकर 10 लाख रुपए फरवरी 2017 में पंचायत के खाते में आए थे, परंतु कार्य कछुवा गति से चल रहा है। स्मारक का निर्माण कार्य शुरू करते समय ग्राम सरपंच ने कहा था की 30 नवंबर 2017 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिसका कार्य आज तक पूर्ण नहीं हो पाया है।

लेंटर तक पहुंच चुका निर्माण कार्य

13 फरवरी को प्रकाशित खबर के बाद सरपंच व जेई हरकत के आए थे और कुछ निर्माण कार्य किया, लेकिन अब फिर से वह निर्माण कार्य लगभग पिछले 25 दिन से बंद पड़ा है। निर्माण का कार्य लेंटर तक पहुंच चुका है। अब सरियों के अभाव के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ है। पिछले 25 दिनों के दौरान शहीद के परिवार वाले कई बार सरपंच से मिल चुके हैं, लेकिन सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश केवल आश्वासन देता रहा है कि सरिये एक-दो दिन में आ जाएंगे। शहीद के परिजनों के अनुसार सरियों का एक चेक भी लगभग दो महीने पहले पंचायत ने अग्रवाल ट्रेडिंग क पनी आकोदा के नाम जिसका चेक नंबर 207800 व रुपए 120096 हजार है। फिर भी सरिया शहीद स्मारक पर नहीं पहुंच रहा। जिससे शहीद परिवार के साथ-साथ ग्रामीणों में भी रोष है। लोगों का कहना है कि जब करीब 15 महीने पहले फरवरी 2017 में शहीद स्मारक की राशि पंचायत के खाते में आ चुकी है तो अब तक शहीद स्मारक के निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है। शहीद के छोटे भाई प्रदीप ने बताया कि पहले तो उन्होंने लगभग 5 हजार ईंटे व कुछ मजदूरी घर से दी थी। अब फिर से कार्य शुरू होने पर लगभग 38 हजार की मिट्टी डलवाई, जेसीबी, जनरेटर व लेबर भी दे चुके हैं, लेकिन सरिया हम कहां से लाएं। उधर, इस विषय में सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश ने बताया कि ये सब आरोप बेबुनियाद व गलत हैं। मिस्त्री की प|ी बीमार हो गई थी इसलिए काम कुछ दिनों तक बंद हो गया था।

शहीद के भाई ने सरपंच प्रतिनिधि पर लगाए आरोप, सरियों के लिए पंचायत ने अग्रवाल ट्रेडिंग क पनी आकोदा के नाम काटा चेक, न सरियों का पता न चेक के रुपयों का, प्रशासन से की निष्पक्ष जांच करा, शहीद स्मारक के शीघ्र निर्माण की मांग

ग्रामीण व पंचायत के लोग बोले

सरकार ने 15 महीने पहले शहीद स्मारक के लिए 10 लाख पंचायत के खाते में डाल दिए थे, लेकिन अब लगता है कि शहीद स्मारक के निर्माण पूरा करने के लिए हमें चन्दा मांगना पड़ेगा। -गुलाब सिंह, पूर्व सैनिक बास।

मेरा सारा काम मेरा ससुर ओमप्रकाश ही देखता है। मुझे नहीं पता कहां-कहां निर्माण कार्य चल रहे हैं और कहां पर कितना काम हो गया। मेरा काम तो मात्र साइन करना व मोहर लगाना ही है। -ज्योति देवी, सरपंच बास खुडाना।

हमें आशंका है कि शहीद स्मारक के पैसे सरपंच निकलवाकर हजम कर गया और यह स्मारक अधूरा ही रहेगा। सरपंच का ससुर ओमप्रकाश को जब उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक का निर्माण शुरू करो बंद क्यों कर दिया तो ओमप्रकाश उनपर नाजायज दवाब बनाकर झूठे प्रस्तावों पर साइन करवाना चाहता है, जो नहीं किए। -मनबीर, पंच बास।

सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश कह रहा है कि शहीद के पैसे से गांव की गलियां बनवा दी। अब आप गलियों के प्रस्ताव पर साइन करो, फिर जो पैसा आएगा उससे सरिया आदि सामान लाकर शहीद स्मारक का निर्माण पूरा कराया जाएगा। -संदीप पंच।

खबरें और भी हैं...