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पिता जमीन बेच रहे थे, बेटे को मंजूर नहीं था, उसने 50 हजार की सुपारी देकर पिता की हत्या करवा दी
पांच दिन पहले ग्राम शेरपुर में खेत पर सोए बुजुर्ग किसान की हत्या हो गई थी। रविवार को पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक के बेटे ने ही 50 हजार रुपए की सुपारी देकर पिता की हत्या करवाई थी। पिता जमीन बेचना चाहते थे, जो बेटे को मंजूर नहीं था। मना करने के बावजूद पिता नहीं मान रहे थे। महज इसी बात को लेकर बेटे ने न केवल पिता की हत्या की सुपारी दी बल्कि हत्यारों को खेत तक पहुंचाया। खुद ने पांव दबा दिए और उसके दो साथियों ने गला दबाकर पिता को मार दिया।
आलोट थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गडरिया ने बताया ग्राम शेरपुर निवासी बद्रीदास बैरागी (60) रोज की तरह 11 अप्रैल की रात खेत पर सब्जी की रखवाली करने गया था। जहां खाट पर सोए बद्रीदास की किसी ने गला दबाकर हत्या कर दी थी। 12 अप्रैल की सुबह प|ी मोहनबाई गाय बांधने खेत गई तो वहां पति मृत अवस्था में मिले। मामले में पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि मृतक का छोटा बेटा कृष्णदास बैरागी (26) पांच साल से पिता से अलग रहता है। उसके और पिता के बीच प्रॉपर्टी को लेकर अनबन भी है। पुलिस ने बेटे कृष्णदास के बयान लिए तो उसने बताया कि वारदात के वक्त मैं ग्राम भावगढ़ में बुआ के यहां शादी में गया था। पुलिस ने जांच की तो बुआ के यहां जाने की बात गलत निकली। मोबाइल लोकेशन भी अलग जगह की मिली। इससे पुलिस को कृष्णदास पर शंका हुई। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी कृष्णदास ने हत्या करवाना कबूल कर लिया।
कृष्णदास बैरागी।
हत्या के बाद देना थे रुपए, खुद की आंखों के सामने पिता को मरवा दिया
आरोपी कृष्णदास ने पूछताछ में पुलिस को बताया मैंने ही पिता की हत्या करवाई है। पिता के नाम पर 8 बीघा जमीन थी। कुछ जमीन वे पहले बेच चुके थे। अब एक बीघा और बेचना चाहते थे। मैंने मना किया लेकिन नहीं माने। इसलिए हत्या की साजिश रची। इसके लिए मैंने मांगूसिंह पिता दूलेसिंह सौंधिया राजपूत निवासी शेरपुरखूर्द से संपर्क किया। मांगूसिंह ने मुझे उसके रिश्तेदार अभयसिंह राजपूत निवासी बिलावली थाना गंगधार जिला झालावाड़ से मिलवाया। फिर दोनों ने हत्या के बदले 50 हजार मांगे। मैंने कहा कि पहले हत्या करो, फिर रुपए देंगे। इसके बाद 11 अप्रैल की रात 1 बजे मैं दोनों को बाइक पर लेकर खेत पहुंचा। वहां पिता सोए थे। मैंने पिता के पांव दबा दिए ताकि वे छटपटाए नहीं और आरोपी मांगूसिंह व अभयसिंह ने मिलकर लकड़ी से गला दबा दिया। इससे पिता की मौत हो गई। इसके बाद हम भाग गए। पुलिस ने आरोपी कृष्णदास को गिरफ्तार कर लिया लेकिन मांगूसिंह व अभयसिंह फरार है। सोमवार को इसे कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।
आवारागर्दी के कारण पिता ने बेटे को कर दिया था अलग
थाना प्रभारी गडरिया ने बताया मृतक बद्रीदास के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा श्यामदास ट्रक चलाता है और मामा के यहां कमठाना में रहता है। छोटा बेटा कृष्णदास आवारागर्दी करता था, इसलिए पांच साल पहले पिता ने घर से बाहर कर दिया था। यह गांव में ही पिता से अलग रह रहा था। पिता बद्रीदास व मां मोहनबाई दोनों साथ रहते थे। पिता को पैसे की जरूरत थी और बेटे मदद नहीं कर रहे थे, इसलिए जमीन बेचने की तैयारी की थी लेकिन छोटे बेटे ने उन्हें मौत के घाट ही उतार दिया। टीआई ने बताया खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम में शामिल एसआई मुकेश सस्तिया, एएसआई बनेसिंह डोडिया, जी.एस. चंद्रावत, आरक्षक लक्ष्मण, सतीश परमार, तरुण, संजय सिंह, ओमप्रकाश, प्रशांत गुजराती, धर्मेंद्र मईड़ा की सक्रिय भूमिका रही है।