30 साल पुराने बस स्टैंड की हालत बद से बदतर है। सुध लेने वाला कोई नहीं। नगर परिषद इसके जीर्णोद्धार को लेकर सचेत नहीं है। दो साल पहले सिंहस्थ में नगर परिषद ने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के लिए 4 करोड़ 32 लाख रुपए की डीपीआर बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजी थी। शासन ने एक करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। नगर परिषद ने जरूरी कार्यों पर ध्यान न देते हुए पूरी राशि एकमुश्त बस स्टैंड में सीसी रोड पर खर्च कर दी। नगर परिषद फंड नहीं होने का रोना रो रही है। ऐेसे में खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
आलोट बस स्टैंड से दो हजार लोग बसों से सफर करते हैं। यात्रियों को नगर परिषद मुलभूत सुविधा तक नहीं दे पा रही है। परिसर में गंदगी पसरी है, पीने के लिए ठंडा पानी नहीं मिल रहा। यात्रियों को धूप में खड़े रहकर बस की प्रतीक्षा करना पड़ रही है। आलोट बस स्टैंड से आगर, उज्जैन, रतलाम, झालावाड़ सहित अन्य स्थानों के लिए बसे चलती है। लेकिन यात्रियों को मजबूरन समस्या से जूझना पड़ रहा है। सिंहस्थ 2016 में बस स्टैंड परिसर में सीसी, दुकानें व प्रतीक्षालय के लिए नगर परिषद ने एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था, इसमें से शासन से एक करोड़ रुपए ही नगर परिषद को मिले। नगर परिषद ने पूरी राशि परिसर के सीसी रोड में खर्च कर दी है अब बाकी काम राशि आने के बाद कराने का कह रही है। इससे लोगों में आक्रोश है।
नप फंड नहीं होने का रोना रो रही, खामियाजा यात्री भुगत रहे
बिजली ऑफिस के समीप नीचे बैठ बस का इंतजार करते लोग।
बिजली ऑफिस के पास बना अधूरा प्रतीक्षालय
युवा नेता अभिषेक जैन ने बताया नगरपरिषद ने काफी समय पहले बिजली ऑफिस के पास यात्री प्रतीक्षालय बनवाया था। जिस ठेकेदार को टेंडर दिया उसने आधे में काम बंद कर दिया। ऐसे में यहां लोहे के एंगल तो लगे है, लेकिन शेड की जगह तिरपाल ढंके हैं। लोगों को नीचे गंदगी में बैठना पड़ रहा है, कुछ धूप में खड़े रहते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद ने संबंधित ठेकेदार को तलब नहीं किया और ना काम पूरा करवाया। बारिश के समय यात्रियों को परेशानी होती है।
बाकी कामों के लिए कलेक्टर को लिखा
नगर परिषद सीएमओ कुलदीप किंशुक ने बताया बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ की राशि मिली थी। चूंकि पहले बारिश के समय बस स्टैंड में कीचड़ पसर जाता था, लोगों को परेशानी होती थी इस कारण उक्त राशि से पुरे परिसर में सीसी रोड बनवाया है। इधर जितनी राशि का एस्टीमेट भेजा था उतनी राशि नहीं आने के कारण जीर्णोद्धार का काम रुक गया। कलेक्टर को पत्र लिखकर राशि स्वीकृत कराने की मांग की है। यदि राशि स्वीकृत होती है तो प्रतीक्षालय सहित अन्य मुलभूत सुविधा के काम करवा देंगे। बिजली ऑफिस के समीप प्रतीक्षालय का काम अधूरा क्यों है, ये मामला दिखवाएंगे।