भास्कर संवाददाता | आनंदपुर साहिब
विश्व सेहत संस्था व सरकार के लक्ष्य अनुसार मीजल्स रूबेला को 2020 तक मुकम्मल रूप से खत्म करने के लिए इस मुहिम को पूरे भारत में अलग-अलग पड़ावों के तहत अलग-अलग राज्यों में मनाया जा रहा है। 13 राज्यों में करीब 10 करोड़ बच्चों को यह टीका लगाया जा चुका है।
रिपोर्टों के अनुसार जिला रोपड़ अपने निश्चित लक्ष्य का 72 फीसदी टारगेट पूरा करके पूरे पंजाब में प्रथम स्थान पर है। समूह विभाग के आधिकारी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वह जागरूकता रैलियां, मीटिंगें तथा वर्कशॉपों द्वारा मुहिम के तहत निश्चित लक्ष्य को पूरा करने में कामयाब होंगे। मीजल्स रूबेला संबंधी सोशल मीडिया में उड़ाई अफवाहों की तरफ खास ध्यान करते हुए बच्चों के माता-पिता के साथ मीजल्स रूबेला मुहिम संबंधी फैली गलत अफवाहों संबंधी मीटिंग करके तथा सेहत विभाग ने समूह सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में तैनात मेडिकल अफसरों को अपनी देखरेख में बच्चों के माता-पिता के साथ मीटिंग करने की हिदायतें की थीं। तब से विभाग ने जगह-जगह मीटिंगों का दौर शुरू किया जिनका अच्छा प्रभाव टारगेट पूरा होने से सामने आया है।
मुहिम
पोलियो के बाद अब 2020 तक मीजल्स रूबेला को देश में से खत्म करने का स्वास्थ्य विभाग का है लक्ष्य
बच्चों के मीजल्स रूबेला के टीके लगाते सेहत विभाग के अधिकारी। -भास्कर
एमआर टीका न लगवाने से जा सकती है बच्चे की जान
माहिरों के अनुसार सरकार ने बच्चों की सेहत को मुख्य रखते मीजल्स रूबेला (एमआर) मुहिम शुरू की है। एमआर का टीका न लगने की सूरत में बच्चे को तेज बुखार, खांसी, आंखों में पानी आना और शरीर पर लाल रंग के दाग पड़ जाते हैं। सही समय पर इलाज न होने पर बीमारी घातक रूप धारण कर सकती है जिससे बच्चे मर भी सकता है।
भास्कर संवाददाता | आनंदपुर साहिब
विश्व सेहत संस्था व सरकार के लक्ष्य अनुसार मीजल्स रूबेला को 2020 तक मुकम्मल रूप से खत्म करने के लिए इस मुहिम को पूरे भारत में अलग-अलग पड़ावों के तहत अलग-अलग राज्यों में मनाया जा रहा है। 13 राज्यों में करीब 10 करोड़ बच्चों को यह टीका लगाया जा चुका है।
रिपोर्टों के अनुसार जिला रोपड़ अपने निश्चित लक्ष्य का 72 फीसदी टारगेट पूरा करके पूरे पंजाब में प्रथम स्थान पर है। समूह विभाग के आधिकारी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वह जागरूकता रैलियां, मीटिंगें तथा वर्कशॉपों द्वारा मुहिम के तहत निश्चित लक्ष्य को पूरा करने में कामयाब होंगे। मीजल्स रूबेला संबंधी सोशल मीडिया में उड़ाई अफवाहों की तरफ खास ध्यान करते हुए बच्चों के माता-पिता के साथ मीजल्स रूबेला मुहिम संबंधी फैली गलत अफवाहों संबंधी मीटिंग करके तथा सेहत विभाग ने समूह सभी जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में तैनात मेडिकल अफसरों को अपनी देखरेख में बच्चों के माता-पिता के साथ मीटिंग करने की हिदायतें की थीं। तब से विभाग ने जगह-जगह मीटिंगों का दौर शुरू किया जिनका अच्छा प्रभाव टारगेट पूरा होने से सामने आया है।