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संत-महापुरुषों की शिक्षाएं व उपदेश ही करते हैं उचित मार्गदर्शन : राणा केपी

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता| आनंदपुर साहिब

संत महापुरुषों की शिक्षाओं व उपदेशों से ही जीवन का सही मार्गदर्शन संभव है। बहुत से संत महापुरुषों द्वारा दिए जीवन जाच के विचारों के साथ मानवता के कल्याण का रास्ता मिलता है। इन शब्दों का प्रगटावा पंजाब विधान सभा के स्पीकर राणा के.पी सिंह ने गांव पस्सीवाल में संत गुप्तानंद आश्रम में आयोजित 29वें वार्षिक बरसी समागम मौके संबोधन करते हुए किया। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में सत्संग का बहुत महत्व है। महापुरुषों द्वारा बताए मार्ग पर चल कर जो प्रेरणा मिलती है उसका हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। उन्होंने लोगों को ऐसे धार्मिक समागमों में बढ़-चढ़ कर शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि महापुरुषों के प्रवचन हमारे जीवन को सही दिशा देने में बहुत सहायक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का चिंतन सांसारिक लोगो से भिन्न होता है। क्योंकि वह जब भी सोचते है तो शुभ ही सोचते हैं। इंसानियत के भले के लिए ही सोचते है। जहां इंसान चिंता को चिंतन समझने की भूल कर बैठता है, वहीं पर महापुरुषों के चिंतन में चिंता का हरण करने वाले प्रभु ही होते है। सांसारिक चिंतन को हम चिंतन की परिभाषा दे सकते है। आज हम संसार की ओर नजर दौड़ाकर देखे तो आज प्रत्येक मानव बुरे चिंतन की आग में झुलस रहा है। आज प्रत्येक इंसान दूसरे इंसान को पछाड़ कर आगे निकलना चाहता है चाहे इस के लिए किसी भी सीमा को क्यों न पार करना पड़े। हमारे महापुरुष जिस शुभ चिंतन की बात करते है उसे जानकर हमें महान व्यक्तित्व के दर्शन हो जाते है। शुभ चिंतन का अर्थ जो प्रभु के साथ मिलने के पश्चात सोचा जाए। फिर ऐसे चिंतन में से स्वार्थ नही बल्कि परमार्थ की महक आती है। फिर दूसरों का भला करने से भी स्कून की प्राप्ति होती है। उन्होंेने कहा कि हमेशा परोपकार के कार्य करें तो भगवान की कृपा हासिल होती है और इंसान प्रभु परमात्मा से जुड़ता है। उसकी जिंदगी से मुश्किलों और कठिनाईयों का अंत होता है और वह भवसागर से पार हो जाता है।

इस मौके स्पीकर राणा के.पी सिंह ने संत गुप्तानंद आश्रम पस्सीवाल को 5 लाख रुपए देने का ऐलान किया। आश्रम के गद्दीनशीन स्वामी गोपाला नंद जी ने स्पीकर राणा के.पी सिंह का समागम में शामिल होने के लिए विशेष सम्मान किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास सरोवर के पड़े अधूरे कामों के लिए फंडों की कमी नहीं अाने दी जाएगी। इस मौके संगरूर के काव्य पाठ जत्थे भीम मोड़ और स्वर्ण सिंह ढाडी जत्था भल्लड़ी ने संगत को ढाडी वारों से निहाल किया। इस मौके स्वामी अशोक कुमार, अमृतपाल धीमान, कमलदेव जोशी, प्रेम सिंह बासोवाल, ज्ञान चंद मंगतपुर, बाबू राम प्रकाश भल्लड़ी, स्वर्ण सिंह भल्लड़ी, शिव कुमार बोबी, चौधरी भगत राम भिगापुर, सरवजीत सिंह बेला, मलकीत सिंह, ब्लॉक समिति चेयरमैन जोगिंदर सिंह व शहर के अन्य गणमान्य भी भारी संख्या में उपस्थित थे।

बरसी समागम में संबोधित करते विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह। (दाएं) कार्यक्रम में उपस्थित संगत।

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