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पानी की समस्या: तालाबों को भरने के लिए गंगरेल से छोड़ा गया 600 क्यूसेक पानी
निस्तारी पानी की समस्या से जूझ रहे गंगरेल के कमांड क्षेत्र में आने वाले ग्रामों के तालाबों को भरने छोड़ा गया पानी बुड़ेनी क्रास रेगुलेटर से आगे बढ़ पलारी तक पहुंच गया है। ज्ञातव्य हो कि बीते शनिवार को गंगरेल का पानी महानदी मुख्य नहर में 101 कि.मी. की दूरी तय कर बुड़ेनी क्रास रेगुलेटर तक पहुंच चुका था जो अब आगे बढ़ गया है। वर्तमान कृषि सत्र में पर्याप्त वर्षा न होने की वजह से अधिकतर ग्रामों के तालाबों में पानी की कमी के चलते निस्तारी समस्या शुरू हो चला था जो गर्मी बढ़ने के साथ-साथ और अधिकतर गहराता चला जा रहा था।
तालाबों के सूख जाने के कारण भूगर्भीय जल स्तर के और नीचे चले जाने से कई ग्रामों में हैंडपंपो के भी साथ छोड़ने की शिकायत मिलनी शुरू हो गई थी। अभनपुर के विधायक धनेंद्र साहू सहित कई ग्रामों के ग्रामीणों ने निस्तारी पानी देने बांध का गेट खोलने की मांग शुरू कर दी थी। महानदी मुख्य नहर में बिरबिरा के पास कार्य चलने के कारण पानी के आगे बढ़ने की समस्या को देखते हुए फिलहाल कार्य को रोक कल से पानी आगे बढ़ाना शुरू कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार महानदी मुख्य नहर में कोडापार से करीब 600 क्यूसेक पानी जल प्रबंध संभाग क्रमांक 1 के तालाबों सहित बलौदाबाजार व भाटापारा जल प्रबंध संभाग के ग्रामों के तालाबों को भरने के लिये फिलहाल छोड़ा गया है जो धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।
लोग पानी का दुरुपयोग न करें: शर्मा
रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के पूर्व अध्यक्ष व किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने निस्तारी तालाब भरने पानी छोड़े जाने को समयोचित ठहराते हुए कहा है कि आसत्र 18 अप्रैल से ग्रामों में शादी ब्याह के मौसम को देखते हुए इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी। उन्होंने ग्रामों के ग्राम पंचायतों सहित ग्रामीणों से पानी को बरबादी से रोकने कारगर प्रबंधन का आग्रह किया है। साथ ही महानदी जलाशय परियोजना के मुख्य अभियंता एस.व्ही.भागवत से अधीनस्थ मैदानी अमला को पानी की बर्बादी से रोकने सघन गश्त की व्यवस्था की मांग की है।