जिसके मन में दया नहीं वह जीवन व्यर्थ : पंडित ज्वाला
लाछुड़ा में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को पंडित ज्वाला शंकर व्यास ने शुकदेव की जन्म गाथा, राजा परीक्षित व द्रोपदी प्रसंग का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि जिसके मन में दया नहीं है, वह जीवन व्यर्थ है। परीक्षित को किस वजह से श्राप दिया गया और नाग के डसने पर किस प्रकार शुकदेव महाराज ने मोक्ष के लिए गंगा नदी पर भागवत सुनाई उसका वर्णन सुनाया। द्रोपदी के दया भाव का वर्णन किया। पंडित योगेश शिक्षा शास्त्री ने बताया कि बुधवार को राम-सीता की झांकियां सजाई जाएगी। प्रमुख यजमान सांवर सुथार ने भागवतजी की आरती की।