पंजाब के पंचायतीराज विभाग का प्रतिनिधि मंडल रविवार को मारवों का खेड़ा पहुंचा। टीम ने यहां 500 बीघा में फैले राजस्थान के रोल मॉडल चारागाह का अवलोकन किया। पंजाब के प्रतिनिधि मंडल के एसीडीसी अवतार सिंह भुल्लर ने कहा कि मारवों का खेड़ा की तर्ज पर ही पंजाब में बंजर भूमि पर मनरेगा योजना में चारागाह विकसित करेंगे। यह पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी प्रदान करती है। यह बंजर जमीन को मंगल करने का बेहतर प्लान है। मारवों का खेड़ा चारागाह में लगाए ड्रिप सिस्टम का अवलोकन किया। चारागाह विकास समिति के प्लानर समाजसेवी कन्हैया लाल साहू ने बताया कि चारागाह विकास में आर्थिक सहयोग से ज्यादा ग्रामीणों का श्रमदान है। उन्होंने बताया कि 200 एकड़ में मनरेगा योजना से फलदार, छायादार, डीजल बायो प्लांट, पशु के लिए उपयोगी चारे के पौधे लगाए गए हैं। उन्हें गत वर्ष क्षेत्र में कम बारिश होने के बावजूद भी ड्रिप सिस्टम से पानी पिलाकर जिंदा रखा है। 15 लाख रुपए की लागत से पौधों को जिंदा रखने के लिए ड्रिप लगाई गई। धर्मी तलाई को रोल मॉडल तालाब बनाया जाएगा। चारागाह का प्रतिनिधिमंडल के एसी डीसी अवतार सिंह भुल्लर, सीईओ बुध राज, एसडीओ तरसीम लाल, एपीओ चरणजीत सिंह, जूनियर इंजीनियर हनी सिंगला ने चारागाह का अवलोकन करने के बाद कहा कि प्रत्येक राज्य में ऐसे चारागाह विकसित करना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने मोहरा में हुए विकास कार्यों का भी अवलोकन किया। एमसी ओझा भीलवाड़ा, डॉ. लक्ष्मी देवी साहू, विकास अधिकारी अमित कुमार जैन, अधिशासी अधिकारी गोपाल लाल टेलर, समाजसेवी ताराचंद मेवाड़ा, सरपंच चांदी देवी भील, समाजसेवी मंदरूप गुर्जर, विनोद जायसवाल, गोपाल गुर्जर की सराहना की।