कॉम्फी स्कूल में छात्रों ने जाना बैसाखी का महत्व
कॉम्फी स्कूल में छात्रों ने जाना बैसाखी का महत्व
भास्कर संवाददाता| फाजिल्का
फाजिल्का-अबोहर रोड पर स्थित कॉम्फी इंटरनेशनल कानवेंट स्कूल में बैसाखी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्कूल की प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने बच्चों को बैसाखी के त्योहार व महत्व संबंधी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैसाखी नाम बैसाख से बना है। यह रबी की फसल के पकने की खुशी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस दिन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह ने गुरु तेगबहादुर सिंह जी के बलिदान के बाद, धर्म की रक्षा के लिये बैसाखी के दिन ही 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने एक ही प्याले से अलग-अलग जातियों और अलग-अलग धर्मों व अलग-अलग क्षेत्रों से चुनकर पांच प्यारों को अमृत छकाया था। इस अवसर पर बच्चों के लिए तरह-तरह की गतिविधियों का आयोजन किया गया। नर्सरी क्लास के बच्चों को थम पेटिंग, एलकेजी के बच्चों को काइट मेकिंग यूकेजी के बच्चों को हैड पेटिंग करवाई गई।