पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • आबूरोड यूआईटी की महाराणा प्रताप आवासीय योजना, 258 मकान बनेंगे

आबूरोड यूआईटी की महाराणा प्रताप आवासीय योजना, 258 मकान बनेंगे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
यूआईटी माउंट आबू की ओर से आबूरोड के करौली क्षेत्र में अपनी पहली महाराणा प्रताप आवासीय योजना बनाई जाएगी। इस योजना का शुभारंभ 21 अप्रैल को प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के मुख्य आतिथ्य एवं नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी के विशिष्ठ आतिथ्य में किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्रसिंह राठौड़, गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद देवजी पटेल, क्षेत्रीय विधायक समाराम गरासिया एवं रेवदर विधायक जगसीराम कोली भी मौजूद रहेंगे। यह योजना करौली में करीब 32 बीघा में विकसित की जाएगी। इस योजना में आर्थिक रुप से कमजोर परिवारों के लोगों के घर बनाने के सपने को साकार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए इन लोगों को सरकार की ओर से निर्धारित सात सौ रुपए स्क्वायर फीट भूमि की दर के स्थान पर 65 से 75 प्रतिशत तक छूट का लाभ मिलेगा। इन प्लॉट का आवंटन भी लॉटरी सिस्टम से होगा। यहां 188 आवासीय प्लॉट जिनका क्षेत्रफल 15 हजार 648. 15 वर्ग मीटर है उनका आवंटन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा। इनमें से 3595.32 वर्ग मीटर प्लॉट आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग व 4756.60 वर्ग मीटर अल्प आय वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित किए गए है। इन सभी 188 प्लॉट में राज्य सरकार के नियमानुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

21 अप्रैल को गृहमंत्री कटारिया करेंगे शुभारंभ, 23 से शहरवासी कर सकेंगे आवेदन

कारौली क्षेत्र में 32 बीघा में विकसित होगी आवासीय कॉलोनी, कुल 258 प्लॉट

150 प्लॉट ईडब्ल्यूएस व एलआईजी के लिए आरक्षित, आवंटन लॉटरी से होगा

आबूरोड. यूआईटी की आवासीय योजना की जानकारी देते अध्यक्ष व सचिव।

राजकीय वर्ग के लिए 18 प्रतिशत आरक्षित

राज्य सरकार के विभागों एवं राजकीय उपक्रमों के कर्मचारियों के लिए 18 प्रतिशत, सैनिक, सेवानिवृत सैनिक एवं सेवा काल के दौरान शहीदों की विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए साढ़े सात प्रतिशत, निशक्तजन व अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए दो-दो प्रतिशत व सामान्य अनारक्षित वर्ग के लोगों के लिए 53 प्रतिशत आरक्षित है।

सब्सिडी की सुविधा का मिलेगा लाभ

23 से मिलेंगे आवेदन, 22 मई तक होंगे जमा

यूआईटी सचिव कुशल कोठारी ने बताया कि योजना का शुभारंभ होने के बाद 23 अप्रैल से आवेदन पत्रों की बिक्री शुरु हो जाएगी। आवेदन निर्धारित प्रक्रिया में इन्हे भरकर 22 मई तक कार्यालय में जमा करवा सकेंगे। लॉटरी से आवंटन के बाद शेष रहने वाले प्लॉटों को नीलामी द्वारा बेचा जाएगा। यूआईटी की मंशा यह है कि इस योजना का अधिकाधिक लाभ जरूरतमंद लोगों को मिले। इसके लिए प्रचार-प्रसार भी शुरु कर दिया गया है।

योजना में प्लॉटों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए सब्सिडी सुविधा का लाभ मिलेगा। प्लॉट के आवंटन के बाद बैंकों व वित्तीय संस्थाओं की ओर से ऋण की संभावना रहेगी। प्लॉट समतल होने से घर बनाने में आसानी रहेगी।

शहर में यूआईटी का है पहला प्रोजेक्ट

गत सालों से जिस तरह से शहर औद्योगिक एवं शिक्षा नगरी के रुप में विकसित हो रहा है। उससे यहां प्लॉट खरीदकर स्वयं का मकान बना पाना आम लोगों की पहुंच से दूर हो गया है। चूंकि, यह प्रोजेक्ट यूआईटी का शहर में पहला प्रोजेक्ट है इसमें इस बात का ध्यान रखा गया है। यही वजह है कि आर्थिक रुप से कमजोर तबके के लोगों को सरकारी दर से भी इतनी बड़ी रियायत का लाभ मिलेगा। -सुरेश कोठारी, चेयरमैन, यूआईटी माउंटआबू

सभी सुविधाएं होंगी

यूआईटी प्रशासन का दावा है कि योजना पूरी तरह से विकसित होगी। इसमें 37 हजार वर्ग फीट में सार्वजनिक पार्क का निर्माण करवाया जाएगा। पार्क में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूलों के साथ सवेरे-शाम घूमने आने वाले लोगों के बैठने के लिए बैंचे लगाई जाएगी। इसे आकर्षक रुप में विकसित किया जाएगा। कॉलोनी के मुख्य सड़कें 82 फीट तथा अंदरूनी सड़कें 30 फीट चौड़ी होगी। इसके साथ ही सीवरेज, पानी एवं रोड लाइट के समुचित प्रबंध किए जाएंगे। कॉलोनी में 24 घंटे बिजली पानी की सुविधा मिलेगी। योजना में व्यवसायिक प्लॉटों की नीलामी से उपलब्धता संपूर्ण क्षेत्र का विकास किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...