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फूड पॉइजनिंग से 50 से अधिक लोग बीमार, आबूरोड चिकित्सालय में भर्ती, कम पड़े बेड

3 वर्ष पहले
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रेवदर उपखण्ड के पालड़ी हनुमान गांव में शुक्रवार को पानी पूरी खाने से पचास से अधिक ग्रामीणों को फूड प्वाइजनिंग हो गया। परिजनों ने पहले इनका गांव में उपचार करवाया लेकिन, जब फायदा नही हुआ तो शनिवार रात्रि को सभी को लेकर आबूरोड राजकीय चिकित्सालय लेकर आए।

सभी रोगी उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मरोड़ एवं बुखार आदि से पीडि़त थे। सूचना मिलते ही चिकित्सालय प्रभारी डा. एमएल हिण्डोनिया, देलदर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डा. अंकुर अग्रवाल एवं डा. सुकांत अग्रवाल की टीम ने रोगियों का उपचार शुरु कर दिया। रात्रि करीब दस बजे एक साथ इतने रोगी आ जाने से चिकित्सालय परिसर में भी जगह कम पड़ गई। स्थिति यह थी कि चिकित्सालय प्रबंधन द्वारा रोगियों को गैलेरियों में जहां जगह मिली वहां लिटाकर उपचार शुरु करवाया गया। क्षेत्रीय विधायक जगसीराम कोली एवं तहसीलदार मनसुखराम डामोर भी यहां पहुंचे तथा रोगियों के उपचार को लेकर किए गए प्रबंधों की जानकारी लेते हुए उनके स्वास्थ्य की कुशलक्षेम पूछी। उधर, इस घटना की जानकारी मिलते ही शहर के समाजसेवी एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी चिकित्सालय पहुंच गए तथा हर कोई अपनी ओर से सहयोग करता नजर आया। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक ने बताया कि उन्हे गांव वालो ने बताया है कि गांव में सार्वजनिक चौराहा पर एक पानी पुरी की लारी लगती है। ग्रामीणों ने वहां पानी पूरी खाई थी। इसके बाद से उनकी तबियत बिगड़ गई थी।

आबूरोड. अस्पताल में भर्ती फूड पॉइजनिंग से बीमार हुए लोग।

करीब पचास रोगी पहुंचे अस्पताल

समाचार लिखे जाने तक चिकित्सालय में पालड़ी निवासी गणेश पुत्र जामाजी, लखमाराम पुत्र भीखा, मुकेश पुत्र लकमा, किशन पुत्र भगा एवं संजय पुत्र भगा सहित करीब पचास रोगी पहुंच चुके थे तथा करीब दस ओर रोगियों के पहुंचने के समाचार है।

फूड प्वाइजनिंग या पानी का दूषित होना हो सकता है कारण

एक साथ इतने रोगियों में एक ही प्रकार की बीमारी का कारण फूड प्वाइजनिंग या फिर पानी का दूषित होना सामने आ रहा है। जैसे ही इन लोगों के यहां लेकर आने की सूचना मिली थी हमारी ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। उपचार के बाद से रोगियों के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है। -डा. एमएल हिण्डोनिया, प्रभारी, राजकीय चिकित्सालय, आबूरोड

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