मांगें नहीं मानने पर रोडवेजकर्मियों ने सरकार को घेरा
विभिन्न मांगों को पूरा करवाने एवं समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर रोडवेजकर्मियों के प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन के आखिरी दिन शुक्रवार को रोडवेजकर्मियों ने सरकार एवं रोडवेज उच्च प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री की असंगत नीतियों को रोडवेज के लिए नुकसान पहुंचाने वाली बताया। इस दौरान रोडवेजकर्मियों का कहना था कि सरकार द्वारा रोडवेज को खत्म करने के उद्देश्य के साथ अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। इस मामले में रोडवेज के नाम पर आमजन को गुमराह किया जा रहा है। जबकि, वास्तविकता में अनुबंध पर संचालित होने वाली बसों को मोटी रकम अदा की जा रही है। इससे रोडवेज की आर्थिक स्थिति ओर खराब हो रही है। यात्रियों की सुरक्षा से किसी को कोई सरोकार नहीं है। दुर्घटनाओं के बाद चालक बसें छोड़कर भाग जाते हैं। इस अवसर पर प्रदीप कुमार, मोहम्मद स्माईल, बहादुरसिंह, राजेन्द्र तिवारी, चैनसिंह राठौड़, मलसिंह, गंगालहरी, हरभजनसिंह, विनोद मोदी, रोशनलाल, देवाराम, डूंगरदास, गोविंद मेरु, अनवर खान एवं हाकम खान आदि मौजूद रहे।
आबूरोड. धरना प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मचारी।