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किसानों ने लगाया अारोप- व्यापारियों व चेयरमैन का कबाड़ तक खरीदा, हमारी सरसों की फसल नहीं ले रहे

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | मंडी आदमपुर सिटी

सरसों की सरकारी खरीद को लेकर किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब हैफेड के सरकारी गोदाम में तीन दिन से लाइनों में लगे किसानों का काला सोना नहीं खरीदा गया और मार्केट कमेटी के चेयरमैन का बिल्कुल ही निम्न स्तर का माल कट्टों में भरा जाने लगा। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर उनकी फसल जल्द नहीं खरीदी गई तो वे रास्ता रोकने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मामले की जानकारी मिलते ही हैफेड प्रबंधक अनुराग गुप्ता मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। मौके पर मौजूद किसान जयदीप, मोहित, राजबीर, प्रदीप, रामसिंह, संदीप, नेकीराम, सतबीर, राजेंद्र, अजय, दिलबाग आदि ने बताया कि वे तीन दिन से साफ-सुथरा माल लेकर खड़े हैं उनकी सरसों की खरीद व तुलवाई नहीं हो रही जबकि मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुखबीर डूडी व अन्य व्यापारियों से सांठ-गांठ के चलते उनकी बहुत ही निम्न स्तर की सरसों की तुलवाई कर कट्टे भरे जा रहे हैं। गांव कोहली के किसान राजेंद्र ने बताया कि वे शुक्रवार को सरसों लेकर आए थे उन्हें 10 नंबर लगाकर पर्ची दी गई थी, लेकिन उनकी फसल की अभी तक तुलवाई नहीं हुई जबकि 176 नंबर पर्ची का व्यक्ति अपनी फसल बेचकर घर जा चुका है।

सरसों खरीद में अनियमितता का आरोप लगाकर विरोध जताते किसान।

हैफेड कर्मचारी राजेश ने कहा- रात के अंधेरे में मार्केट कमेटी चेयरमैन लाया निम्न स्तर की सरसों कहा- कट्टे भर दो

हैफेड कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि शनिवार रात करीब 9 बजे रात के अंधेरे में मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुखबीर डूडी सरसों की फसल लेकर गोदाम में पहुंचे और कहा कि इसकी कट्टे भर दो। जिस पर उसने कहा कि अब अंधेरे में गुणवत्ता नहीं जांची जा सकती इसलिए इसकी खरीद सुबह की जाएगी। जिस पर चेयरमैन ने कहा कि तुम ये फसल खरीद कर कट्टे भरवा दो मैं तुम्हारे लिए मंडी खाली करवा दूंगा। रविवार सुबह ही चेयरमैन ने अपनी लेबर भेज कर कट्टे भरने शुरू करवा दिए, लेकिन जब किसानों ने हंगामा शुरू किया तो सूचना मिलने पर हैफेड प्रबंधक व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और लेबर से फसल के कागज मांगे तो वे वहां से फरार हो गए। बाद में कर्मचारियों ने कट्टे खाली करवा दिए।

हैफेड गोदाम गया ही नहीं

वे हैफेड के गोदाम में सरसों की फसल लेकर तो दूर स्वयं ही नहीं गए। उन्होंने अपनी दो एकड़ की सरसों की फसल बहुत पहले ही 3590 रुपए में बेच दी थी। ये सब उन्हें बदनाम करने की कोई साजिश है। सुखबीर डूडी, चेयरमैन मार्केट कमेटी आदमपुर।

किसानों द्वारा व्यापारियों या चेयरमैन से सांठ-गांठ के लगाए गए आरोप निराधार हैं। सभी किसानों की फसल सरकारी मूल्य पर खरीदी जा रही है। सुबह कुछ किसानों ने हंमागा किया तो वे मौके पर पहुंचे और देखा कि निम्न स्तर की सरसों कट्टे भरे जा रहे थे। उन्होंने देखा कि कट्टे भर रहे कर्मचारी उनके नहीं थे तो उन्होंने कट्टे भर रहे लेबर से फसल के कागज मांगे तो वे मौके पर फरार हो गए। बाद में कर्मचारी राजेश ने बताया कि ये ढेरी रात के अंधेरे में मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुखबीर डूडी लेकर आये थे और रात में कट्टे भरने की बात कही थी, लेकिन उसने मना कर दिया था। अनुराग गुप्ता, प्रबंधक हैफेड आदमपुर।

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