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योगी बनने के लिए आवरण नहीं आचरण बदले- राघव ऋषि

3 वर्ष पहले
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आगर मालवा | मनुष्य योगियोें का आवरण धारण कर योगी नहीं बन सकता। योगियों जैसा आचरण करने पर ही जीवन उपयोगी बनता है। योगी बनने के लिए आवरण नहीं आचरण बदले। यह बात अग्रसेन भवन छावनी में श्रीराम कथा के दौरान शनिवार शाम कथावाचक राघव ऋषि ने कही।

अहंकार नहीं टिकता

आगर मालवा | अहंकार किसी का भी नहीं टिकता। चाहे वह मनुष्य हो या देवता। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का अभिमान समाप्त करने के लिए गोवर्धन पूजा करवाई थी। यह बात आवर रोड पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को कथावाचक पं. विष्णु गोपाल शास्त्री ने कही। डॉ. नारायण सिंह कुंभकार, कैलाश कुंभकार, कृष्णकांत कुंभकार आदि भक्तों ने भगवान को छप्पन भोग लगाया।

श्रीराम-लक्ष्मण व जानकी की झांकी।

इस तरह लगाया छप्पन भोग।

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