पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • स्वाधीनता के नायक पंचतत्व में विलीन, नहीं आए बड़े अधिकारी

स्वाधीनता के नायक पंचतत्व में विलीन, नहीं आए बड़े अधिकारी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
स्वतंत्रता-संग्राम के इतिहास में लसाढ़ी क्रांति के नायक घरभरन सिंह का अपने पैतृक गांव लसाढी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम-संस्कार किया गया। उनका निधन मंगलवार की रात करीब 10 बजे हो गया था। मुखाग्नि स्वतन्त्रता सेनानी के बड़े बेटे सुरेन्द्र सिंह ने दिया। इसके पहले दिवंगत घरभरन सिंह को पार्थिव शरीर पर सन्देश के विधायक अरुण कुमार यादव, अगिआंव के विधायक प्रभुनाथ प्रसाद, प्रखण्ड प्रमुख मुकेश सिंह यादव, जिला परिषद की उपाध्यक्ष फूलवन्ती देवी, बाबुनंद सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने माल्यार्पण किया। अंतिम-यात्रा में शामिल हुए। अधिकारियों ने भी माल्यार्पण किया। गड़हनी थाने के थानाध्यक्ष शकील अहमद के नेतृत्व में सलामी के बाद गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। घरभरन सिंह अमर रहे का नारा गूंज रहा था। पूरा माहौल स्वतन्त्रता सेनानी की याद में गमगीन था। बीडीओ सन्नी सौरभ, सीओ अमित कुमार, बीसीओ अनीस दुबे, प्रखण्ड साधनसेवी अक्षय कुमार समेत प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

नायक का दाह-संस्कार

विधायक अरुण यादव ने राजकीय सम्मान के तरीके पर उठाए सवाल, कहा-शासन की नजर में रस्म अदायगी भर रह गई घरभरन बाबू की अंतिम यात्रा

स्वतंत्रता सेनानी के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण करते लोग।

आजादी के नायक का जाना दुखद: शिवेश

अगिआंव के पूर्व भाजपा विधायक शिवेश राम ने दूरभाष से स्वतन्त्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित किए। कहा कि घरभरन सिंह आजादी के बलिदान के जीवंत किस्सा थे। उनका निधन दुखद है।

सरकार व अधिकारियों ने सेनानी की अनदेखी, यह दुखद: अरुण

राजकीय सम्मान से अंतिम-यात्रा की घोषणा के बाद भी इस स्वतंत्रता सेनानी के अंतिम-संस्कार में जिला स्तरीय कोई अधिकारी शामिल नहीं हुआ। इस प्रकरण पर जिला प्रशासन की काफी किरकिरी हो रही है। राजद विधायक अरुण यादव ने कहा कि प्रदेश में भाजपा-जदयू की सरकार है, जो गरीबों की उपेक्षा के लिए जानी जाती है। लेकिन, अब वह देशभक्तों को भी नजरअंदाज कर रही है। यहां जिले के प्रभारी मंत्री नहीं आए। जिला स्तरीय कोई अधिकारी भी नहीं आए। लसाढी में हर साल 15 सितंबर को सरकारी स्तर राजकीय समारोह मनाने की घोषणा है। परन्तु, उस वक्त भी प्रभारी मंत्री नहीं आए। यह बेहद दुखद है।

खबरें और भी हैं...