पशु अस्पताल, अगिआंव में डॉक्टर के नहीं आने से पशुपालक निजी झोला छाप डॉक्टरों के भरोसे हैं। न कैम्प लगाकर पशुओं का टीकाकरण होता है और न ही इलाज। इस अस्पताल में 1 डॉक्टर, 1 परिचारी, 1 अकाउंटेंट और 1 आदेशपाल है। यह अस्पताल दो कमरे के किराए के भवन में चालीस वर्षों से संचालित है। अस्पताल के भवन के लिए दो दशक पहले सात लाख रुपए का आवंटन हुआ था। पर अधिकारियों के उदासीनता के कारण भवन का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। पशुपालक खेरी गांव निवासी उदय सिंह ने कहा कि यहां मवेशी के अठैल की दवा तक नहीं मिलती है। जब अस्पताल में डॉक्टर नहीं, तो दवा भी कौन देगा।
इस बारे में जिला पशुपालन अधिकारी डॉ सिद्धनाथ राय ने बताया कि वे दो बार अगिआंव पशु अस्पताल गए। पर डॉक्टर अनिता कुमारी नहीं मिली। इसलिए उनका वेतन बन्द करते हुए विभागीय सूचना दे दी गयी है।