हमले में घायल मजदूर की मौत, ग्रामीण बोले-आरोपियों को गिरफ्तार करो
नसीराबाद के निकट बाघसुरी गांव में गत 2 अप्रैल को जानलेवा हमले में घायल मजदूर बाबूलाल गवारिया ने रविवार को जेएलएन अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के सिर में गंभीर चोट लगी थी। इधर, मजदूर की मौत की खबर सुनते ही गांव व आसपास के क्षेत्रों से समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए। ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। उनका कहना था कि वारदात में चार आरोपी शामिल थे, पुलिस ने एक हिरासत में लिया है। शेष तीन खुलेआम घूम रहे हैं। वारदात में शामिल चारों आरोपी गिरफ्तार नहीं होने तक शव नहीं उठाएंगे। सोमवार को मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मृतक बाघसुरी गांव निवासी बाबूलाल गवारिया के परिजनों ने बताया कि 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान गांव के ही रहने वाले सोहनलाल खटीक, घीसालाल, उसकी प|ी संतोष आैर संपति ने एकजुट होकर लोहे के सरियों से हमला कर दिया। बाबूलाल अपनी भतीजी पूजा के साथ बाइक पर किसी रिश्तेदार के बारहवें में शामिल होने जा रहा था। आरोपियों ने रास्ता रोककर चाचा-भतीजी से जमकर मारपीट की। वारदात में बाबूलाल आैर पूजा के सिर में चोटें आईं। बाबूलाल के सिर में 25 टांके लगे थे।
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मृतक बाबूलाल (फाइल फोटो)
जानलेवा हमला, पुलिस ने मारपीट की धाराओं में दर्ज किया था मुकदमा
बाबूलाल की मौत की खबर सुनते ही परिवार सहित गांव के लोग आैर आसपास के क्षेत्र से समाज के लोग जेएलएन अस्पताल पहुंच गए। इधर, भाजपा कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष गोपाल बंजारा का कहना है कि वारदात के बाद आईजी मालिनी अग्रवाल आैर एसपी राजेंद्र सिंह के समक्ष ग्रामीणों के साथ पेश होकर बताया गया था कि जानलेवा हमले के मामले में मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में आश्वासन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं दी गई। मृतक परिवार गरीब तबके से है, मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। आरोपी सोहनलाल आदतन अपराधी है, उसके खिलाफ पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े आक्रोशित ग्रामीण।
हत्या का मुकदमा | नसीराबाद सदर थानाप्रभारी रामअवतार ताखर ने बताया कि बाबूलाल की मौत के बाद मुकदमा हत्या की धाराओं में तब्दील कर दिया गया। एफआईआर में नामजद आरोपी सोहनलाल को हिरासत में लिया गया है। 2 अप्रैल को सोहनलाल ने लोहे के पाइप से बाबूलाल पर हमला किया था। पड़ोस में रहने वाले रेबारी परिवार के बाड़े में मृतक बाबूलाल ने लकड़ियां डाल रखी थी, जिन्हें हटाने को लेकर विवाद के बाद हमला किया गया।