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बच्चों के जरिए बैग और मोबाइल उड़ाने वाले परिवार का पर्दाफाश

3 वर्ष पहले
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बच्चों के जरिए बैग, मोबाइल और पर्स चुराने वाले उड़िया परिवार का अजमेर की कोतवाली थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह का संचालन पिता अपने दो पुत्रों के साथ मिलकर करता था। पुलिस ने बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। इनके कब्जे से चोरी के 58 मोबाइल, 10 बैग, 1 टैबलेट, नए कपड़े, नए जूते व अन्य सामान जप्त किया है।

अजमेर उत्तर वृत्ताधिकारी डा दुर्ग सिंह राजपुरोहित व कोतवाली थानाधिकारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से बाइक पर लटके बैग, मोबाइल और पर्स चोरी होने की घटनाएं बढ़ रही थी। इस पर जिला पुलिस कप्तान राजेंद्र सिंह ने उन्हें विशेष दिशा निर्देश दिए।

थाने की टीम ने कड़ी मेहनत करके गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिसमें उड़ीसा के जहाजपुर जिला निवासी आहुल कोटेज राव और उसका बेटा आहुल किशन राव शामिल हैं। दोनों पिता पुत्र ने कबूला कि जैसे ही कोई व्यक्ति भीड़ वाले इलाके में दुपहिया वाहन पर अपना बैग छोड़कर खरीददारी करने या किसी से बात करने चला जाता तो उनके साथ का बच्चा उस बैग को उठा लाता। बाद में वह उसे बाइक पर बैठाकर चम्पत हो जाते। उन्होंने कई वारदातें करना कबूला है। आरोपी पिता पुत्र के कब्जे से 58 हजार की नगदी भी मिली है। कार्रवाई करने वाली टीम में हैडकांस्टेबल मोहन सिंह, कांस्टेबल प्रभात कुमार, दुर्गेश, शिवचंद, मुकेश सारण, मोहन मीणा सहित अन्य शामिल थे।

58 हजार रुपए, चुराए गए 58 मोबाइल, 10 बैग, एक टैबलेट, नए कपड़े, नए जूते व अन्य सामान भी बरामद
शहर में कई दिनों से है उड़ीसा का यह शातिर परिवार
बच्चे के जरिए मोबाइल फोन, बैग और दुकानों से कीमती सामान पार करने वाला उड़ीसा के कोराई जिला जहाजपुर निवासी आहुल कोटेज (50) पुत्र आहुल हनुमान सिंह राव अपने दो पुत्रों के साथ पिछले पांच-छह महीने से अजमेर में वारदातें कर रहा है। नाम और पहचान छिपाकर यह परिवार धर्मशाला, गेस्ट हाउस में जायरीन या तीर्थयात्री बनकर रहता था।

आरोपियों से बरामद मोबाइल, नगदी व अन्य सामान।

वारदात का शातिराना तरीका
आरोपी कोटेज परिवार भीड़भाड़ वाले बाजार में एेसे व्यापारियों की रैकी करता था जो दुकान का कैश बाइक, स्कूटर से लाते-ले जाते हैं। आरोपी आहुल कोटेज बाइक पर ऐसे व्यापारियों का पीछा करता था। उसके साथ आठ साल का उसका पुत्र भी रहता था। व्यापारी जैसे ही बाइक, स्कूटर या अन्य वाहन खड़ा करता, आठ वर्षीय बच्चा वाहन के पास खड़ा हो जाता और मौका देख कर बैग पार कर देता या मास्टर चाबी से स्कूटर की डिक्की खोलकर कैश पार कर लेता था। घटनास्थल से दूर खड़े परिजनों को बच्चा सामान सौंप देता था। बाद में तीनों एक जगह मिल जाते थे। समारोह स्थल और आयोजन स्थलों में लोगों के मोबाइल फोन और बैग पार करने की कई वारदातें तीनों पिता-पुत्र कर चुके हैं।

यह सामान भी किया बरामद
कोतवाली थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपितों के पास से एक काला बैग मिला जिसमे तीन दुकान की हिसाब की डायरी, दो आधार कार्ड, दुकान की चाबियां। घटना में प्रयुक्त वाहन मोटर साइकिल नंबर एच आर 01 ए क्यू 5064 पल्सर जब्त की। इन्होंने कानोता जयपुर में वारदात करना कबूला।

कोतवाली थाना पुलिस की गिरफ्त में पिता-पुत्र।

कई वारदातें कबूली

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से अजमेर में वारदात कर रहे हैं। पिछले दिनों आगरा गेट सब्जी मंडी के निकट एक व्यापारी के स्कूटर पर टंगा बैग आरोपियों ने पार कर दिया था। बैग में करीब पचास हजार रुपए और अन्य जरूरी कागजात थे। इस वारदात के अलावा एक दर्जन से ज्यादा चोरी की वारदातों के बारे में आरोपियों से अहम सुराग मिले हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

सीसी टीवी फुटेज से सुराग
पुलिस के अनुसार गत 9 अप्रैल को व्यापारी राकेश तोषनीवाल अपने स्कूटर को आगरा गेट सब्जी मंडी में खड़ा करके सब्जी खरीद रहा था। उसके स्कूटर पर रखा बैग शातिर कोटेज गिरोह ने पार कर दिया था। पुलिस कोे पूछताछ में पता चला था कि वारदात बच्चे ने की थी। कोतवाली थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि सीसी टीवी फुटेज में आरोपियों की पल्सर मोटर साइकिल नजर आई थी। उसके नंबर को स्पष्ट नहीं थे, लेकिन कलर के आधार पर पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहन की तलाश जारी रखी थी। शुक्रवार को नया बाजार में आरोपी एचआर नंबर की पल्सर बाइक पर घूमते नजर आ गए। आरोपी किसी व्यापारी को शिकार बनाने की फिराक में थे।

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