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शतरंज की टेबल पर आमने-सामने हुए दादा-पोते की उम्र के खिलाड़ी

3 वर्ष पहले
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अजमेर| सूचना केंद्र में शनिवार को शतरंज की टेबल पर दादा-पोतों की उम्र के खिलाड़ी आमने सामने हुए। सूचना केंद्र में राज्य स्तरीय ओपन रैपिड व ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता के शुभारंभ पर कई रोचक मुकाबले हुए। इनमें सबसे उम्रदराज 80 वर्षीय आर.के. गुप्ता व सबसे कम उम्र की खिलाड़ी 8 वर्षीय शील काजमी ने भी अपने हाथ दिखाए। दोनों खिलाड़ी अजमेर के हैं। जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष गोविंद गर्ग ने बताया कि पहले दिन रैपिड मुकाबले खेले गए। मुकाबलों में जयपुर के उज्जवल दीप ने मुकेश मंडलोई को हरा 5 अंकों की बढ़त बनाई। यश भरड़िया ने जयपुर के अर्पित सक्सेना को हरा 4.5 अंक बनाए। वहीं भावेश भी 4.5 अंक पर हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी व विशिष्ट अतिथि भीलवाड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट किशनचंद गुर्जर ने किया। इस मौके पर जिला संघ के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, ऑल राजपुताना संघ के सचिव अशोक भार्गव, निदेशक दिनेश सेठी, चीफ आर्बिटर अथर अब्बास, आर्बिटर पंकज शर्मा, संजय तायल, कमलेश तायल आदि मौजूद रहे। प्रतियोगिता में अजमेर समेत कोटा, जयपुर, बीकानेर, जोधपुर व भीलवाड़ा के 85 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। रविवार को ब्लिट्ज मुकाबले खेले जाएंगे।

ये रहे टॉप 4 खिलाड़ी
सचिव दीपक छत्री ने बताया कि पहले दिन के टॉप चार खिलाड़ियों में जयपुर के भावेश 5.5 अंक के साथ पहले स्थान पर हैं। दूसरे स्थान पर जोधपुर के शेरसिंह, तीसरे स्थान पर अजमेर के आर.के. गुप्ता व जयपुर के स्वामी चौथे स्थान पर हैं। इन तीनों के 5-5 अंक हैं।

किसी ने हारी बाजी एक चाल में पलट दी

किसी ने हारी बाजी एक चाल में पलट दी, कोई जीती बाजी एक चाल गंवाकर हार गया। कोई उम्र की सीमा लांघकर लोगों को दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर कर गया तो कोई नन्हीं चालों से पुराने चावल पका गया। विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने आपस में अपने दिमाग, धैर्य व अनुभव को पूरा जोर लगाकर खुद को साबित करने का प्रयास किया। ऐसी चालें चली कि देखने वाले वाह-वाह कर उठे। पहली बार राजस्थान में हो रहे इस आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शक भी आए। दो दिवसीय आयोजन में पहले दिन रैपिड मुकाबले हुए, जिसमें खिलाड़ियों को 15-15 मिनट में अपनी बाजी खत्म करनी थी। खेल रविवार को और खतरनाक हो जाएगा। जब वक्त सिर्फ 5-5 मिनट को रह जाएगा। यह मुकाबला ब्लिट्ज कहा जाता है। शनिवार को शतरंज के शातिर खिलाड़ियों के हाथी, घोड़े आगे जाते रहे और मुकाबला करने ऊंट व रानी बढ़ते रहे। सुबह 7 से शाम 5 बजे तक खेले गए 6 चरणों के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपने जौहर दिखाए। शनिवार को हुए एक रोमांचक मुकाबले में 80 साल के आर.के. गुप्ता किशनगढ़ के अन्वेशी किशोर के हाथों पहली ही बाजी में हार गए। लोगों में कानाफूसी होने लगी, लेकिन गुप्ता ने तमाम अटकलों को गलत साबित करते हुए 6 में 5 बाजियां जीत ली। वहीं नन्हे खिलाड़ी जब टेबल पर आए तो लोग कहने लगे कि ये बच्चों का खेल नहीं है, मगर जब उन्हीं बच्चों ने पुराने खिलाड़ियों को हरा बाजी पलट दी तो लोग मान गए कि पंखों से नहीं, हौसलों से उड़ान होती है। - अतुल दुबे

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