सफाईकर्मियों के 1,115 पदों के लिए 4,787 आवेदन, छंटनी के बाद लाटरी से नियुक्ति
नगर निगम अजमेर में सफाई कर्मियों के 1,115 पदों के लिए 4 हजार 787 आवेदन जमा हुए है। आवेदन जमा करवाने के अंतिम दिन मंगलवार को पटेल मैदान में आयोजित शिविर में 3,009 लोगों ने अपने आवेदन जमा करवाए। इससे पहले 14 मई से लेकर सोमवार तक 1778 आवेदन जमा हो पाए थे। सफाईकर्मी के लिए आवेदन जमा करवाने में जाट व मीणा जाति के युवक भी शामिल हैं। जमा हुए आवेदनों की एक माह में छंटनी की जाएगी, इसके बाद पात्र पाए जाने वाले आवेदनों में से लाटरी निकालकर नियुक्ति दी जाएगी। अनुभव प्रमाण पत्र को लेकर अभी तक असमंजस बरकरार है। जन्म, जाति व विवाह सर्टिफिकेट के लिए जिन अभ्यर्थियों ने प्रमाण पत्र नहीं मिलने के बावजूद रसीद भी लगाई है तो उसे भी वैध माना जाएगा लेकिन ऐसे अभ्यर्थियों को 8 जून तक सर्टिफिकेट जमा करवाना होगा।
सफाई कर्मियों की भर्ती के आवेदन जमा करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने मंगलवार को पटेल मैदान में टैंट लगवाए। आवेदकों की सहुलियत के लिए 15 काउंटर लगाए गए और हर तीन काउंटर पर एक प्रभारी लगाया गया। इस व्यवस्था से आवेदन जमा करवाने वालों को कोई परेशानी नहीं हुई।
मेयर धर्मेंद्र गहलोत, कमिश्नर हिमांशु गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर गजेंद्र सिंह रलावता व ज्योति ककवानी ने खुद व्यवस्थाओं पर नजर रखी। रलावता ने बताया कि सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए आवेदन लेने का काम 16 अप्रैल से ही शुरू कर दिया गया था। 14 मई तक नगर निगम में 1778 आवेदन जमा किए जा चुके थे। आवेदन जमा करवाने के अंतिम दिन मंगलवार 15 मई को भीड़ की आशंका को देखते हुए पटेल मैदान में टेंट लगाकर काउंटर लगाए गए। सुबह 9 बजे से शाम साढ़े 6 बजे तक 3009 आवेदन जमा किए गए। इन्हें मिलाकर 1115 पदों के लिए 4787 आवेदन जमा हुए है। उन्होंने बताया कि बुधवार से ही इन आवेदनों को केटेगरी वाइज छंटनी का काम शुरू किया जाएगा। एक माह में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। अब तक के निर्देशों के मुताबिक जो आवेदन वैध पाए जाएंगे उनमें से लाटरी के जरिए नियुक्ति दी जाएगी।
अनुभव प्रमाण पत्रों को लेकर असमंजस : सफाई भर्ती के लिए पैराफेरी गांवों से लेकर अजमेर जिले व नागौर जिले के अभ्यर्थियों ने आवेदन जमा करवाए है। लेकिन अावेदन के साथ जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाए गए है उनको लेकर अभी असमंजस है। सफाई ठेकेदारों से लेकर ग्राम पंचायतों के सरपंच व सचिवों से लेकर बार एसोसिएशन व दुग्ध उत्पादक संघों तक ने अनुभव प्रमाण पत्र जारी कर रखा है। निगम इनके लिए डीएलबी से मार्गदर्शन मांग रहा है। नगर निगम इस बात को दिखवा रहा है कि क्या सरपंच या ग्रामसेवक के द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट मान्य है या नहीं या फिर उन पर विकास अधिकारी के काउंटर दस्तखत करवाएं जाएं। इसके अलावा बार एसोसिएशन व दुग्ध उत्पादक संघों द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्रों को लेकर भी डीएलबी से मार्गदर्शन लिया जा रहा है। आगामी कुछ दिनों में ही आवेदनों पत्रों की छंटनी का काम पूरा कर सही पाए जाने वाले अभ्यर्थियों का पुलिस वेरीफिकेशन करवाया जाएगा। जिससे समय पर लाटरी निकालकर नियुक्ति दी जा सके।