बाबा पूछे बापू से जब हिंद की हालत बदतर है, तब संविधान में कैसे धारा 370 जिंदा है.... तुम्हारी दिवाली के लिये हमें दिवाले कर दिए, बस्ती जला गरीबों की तुमने उजाले कर लिए.... कुछ ऐसी ही कविताओं के साथ अजमेर में रविवार की शाम सजी जवाहर रंगमंच पर। दी लिटररी सोसाइटी ऑफ इंडिया व पारस चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान और कवि रासबिहारी गौड़ के मार्गदर्शन में अजमेर के इतिहास में पहली बार ऐसा कवि सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आये नेत्र बाधित कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को अपने अपने रस में डुबो दिया।
इस अनूठे कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर आरती डोगरा व महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनीता भदेल उपस्थित रहीं। पहली कवयित्री के रूप में अजमेर से सौभाग्य गोयल ने शुरुआत की। उन्होंने किताब पर कविता सुनाई, इसके बाद उन्होंने दिन रात मांगा है तुम्हें दुआओं में... खुशबू की तरह आये हो बहती हवाओं में... सुनाकर वाहवाही लूटी। इनके बाद खंडवा एमपी से आये अकबर ताज ने वीर रस का तेवर दिखाते हुए साम्प्रदायिक सदभाव की पंक्तियां पढ़ी,” सभी रहमान वाले है/ सभी भगवान वाले है//हमे गीता भी है प्यारी /हमीं कुरान वाले हैं/” इसके बाद दादरी उत्तरप्रदेश से पधारे संतोष दिनकर ने हास्य का वातावरण बनाते हुए श्रोताओं को गुदगुदाया। उनकी पंक्तियां, “अपने वायदों का लिफाफा तुम अपने पास रखो/मुझे खोने के भय से मत कोई उपवास रखो/मैं तुम्हारा हूं तुम्हे और क्या जरूरत है/मेरे पुरखों की धरोहर मेरा विश्वास रखो/” बहुत सराही गई।
देवास एमपी से आई श्रृंगार की एकमात्र कवयित्री शिखा दुबे ने प्यार की खूबसूरत शायरी से सबका मन जीत लिया। उन्होंने अपने आंखों के पहचान को लेकर “एक फूल खिले तो गुलिस्तां बना देते हैं/ पर किसी बेबस को और भी बेजान बना देते हैं /बहुत मुश्किल हो जाता है जीना उसका /जब उसकी कमी को उसकी पहचान बना देते/ सुनाई तो हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज गया। अजमेर के संदीप त्रिवेदी अपनी संकल्पनाओं को कविता की जुबान में यूं बया किया,”सपने अधूरे रहे क्यों रहे/अपने पराये क्यों रहे/” कैमूर से आये शिवशंकर उपाध्याय ने धारा 370 सुनाकर देश की व्यवस्थाओं पर तंज किया। अपनी दिलकश आवाज में गीत गजल सुनाकर ऐसा समां बांधा कि श्रोता मानो शब्दों में ही डूब गए। इससे पूर्व सरस्वती वंदना एवं संगीत की प्रस्तुति नेत्र बाधितों के ओ पी आर्केस्ट्रा ग्रुप ने दी। साथ ही संदीप त्रिवेदी ने पारस चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित रिकॉर्डिंग क्लब की जानकारी कवियों एवं श्रोताओं के बीच देते हुए बताया कि क्लब द्वारा देश भर के दृष्टि बाधित साथियों को समाचार पत्र का पाठन,कविताएं आदि आवाज में रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया के माध्यम तक नियमित पहुंचाई जा रही है। रिकॉर्डिंग क्लब संचालक समिति के सदस्यों सूर्य प्रकाश शर्मा, अर्पण कुमार चौधरी, प्रतीक अग्रवाल, शरद त्रिपाठी,अली असगर बोहरा, विनोद गढ़वाल, लक्ष्मण मेवाड़ा, विपुल जैन, नंदकिशोर जाजरा, भानु प्रतापसिंह, सृष्टि जैन दृष्टिबाधितों के लिए शिक्षा रोजगार एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से देश भर के हजारों दृष्टिबाधितों तक सुबह-सुबह समाचार पत्र रिकॉर्डिंग कराकर अनेकों व्हाट्सऍप के माध्यम से भेजते हैं। 19 राज्यों के 100 से अधिक छोटे बड़े शहरों तक पांच हजार से ज्यादा दृष्टिबाधित जुड़े हैं एवं दक्षिण एशियाई देशों में भी रिकॉर्डिंग क्लब सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहुंच बना चुका है। कवियों का स्वागत रेखा गोयल, संजय अरोड़ा, नवीन सोगानी, कमल वाधवा आदि ने किया। संचालन सोमर| आर्य ने किया।
जवाहर रंगमंच पर कविता का पाठ करते कवि आैर सभागार में उपस्थित अतिथि और श्रोतागण।