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पेपर लेस होगी ट्रैफिक पुलिस,अब ई-चालान

3 वर्ष पहले
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जयपुर की तर्ज पर अजमेर पुलिस भी अब जल्द ही हाईटेक तरीके से सड़क पर ई-चालान काटेगी। पुलिस को पेपरलेस करने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस कर्मी अब नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान रसीद काटने की बजाय ऑनलाइन डिवाइस द्वारा करेंगे। यह डिवाइस आरटीओ के सर्वर से जुड़ी रहेगी।

एसपी राजेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से ई-चालान के लिए 50 मशीनें अजमेर पुलिस को दी गई हैं। इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जैसे ही इसमें चालान के लिए वाहन का नंबर, नाम, पता, डाला जाएगा, इसमें खुद ही वाहन के मालिक की डिटेल आ जाएगी। एक बार डेटा फीड करने के बाद ई-चालान डिवाइस से चालान की सूचना पुलिस के कंट्रोल रूम पर पहुंच जाएगी।

ई-चालान के लिए 50 मशीनें अजमेर पुलिस को मिलीं
अब नहीं चलेगी सिफारिश

अब सड़क पर चालान बनाने वाले पुलिस कर्मी को फोन कर अपने परिचित या रिश्तेदार को बिना चालान छोड़ देने की वकालत वीआईपी भी नहीं कर पाएंगे। यहां तक कि वीआईपी के चालान इस सिस्टम से नियम तोड़ने पर कट जाएंगे। अब जो डिवाइस पुलिस को मिली है, वो बेहद ख़ास किस्म की है। इसे ई-चालान डिवाइस नाम दिया गया है।

एटीएम कार्ड से भी भुगतान की जा सकती है चालान राशि

कुल 481 डिवाइस 17 जिलों के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी की गई है, जिनमें से जयपुर के लिए 70, अजमेर के लिए 50, कोटा के लिए 46 ई चालान डिवाइस अलॉट की गई है। जो जल्द किसी मोबाइल या कार्ड स्वाइप मशीन की तरह पुलिस के जवानों के हाथों में सड़कों पर दिखाई देगी। डिवाइस मशीन से मौके पर ही वाहन चालक चालान की राशि एटीएम कार्ड स्वाइप कर भुगतान कर सकते हैं।

ऐसे होगा डिवाइस का प्रयोग

डिवाइस में वाहन का नंबर फीड करेंगे और बाकायदा यह ब्योरा भी फीड करेंगे की वाहन चालक ने किन-किन नियमों का उल्लंघन किया है, जैसे हेलमेट नहीं है, लाइसेंस नहीं है, वाहन में लाईट, इंडीकेटर, काले शीशे और अन्य जानकारी डिवाइस में फीड करने के बाद स्लीप निकाल कर वाहन चालक को थमा दी जाएगी।

अभिभावकों को समझाया

ट्रैफिक पुलिस ने दो दिन में नियमों के उल्लंघन करने वाले 200 से ज्यादा बालवाहिनी वाहनों के चालान किए हैं। डीएसपी प्रीति चौधरी ने बताया कि हादसे रोकने के लिए पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। वहीं, वाहन चलाने वाले नाबालिगों की भी समझाइश की जा रही है। नाबालिगों के साथ उनके अभिभावकों की भी समझाइश की गई। अगर फिर भी नहीं मानेंगे तो वाहन भी जब्त करेंगे।

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