ग्राम पंचायत कानपुरा की सरपंच परमेश्वरी का निर्वाचन निरस्त
अजमेर | अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश मुकेश परनामी ने एक याचिका का निपटारा करते हुए पंचायत समिति श्रीनगर की ग्राम पंचायत कानपुरा की सरपंच परमेश्वरी प|ी मुकेश का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया है। अदालत ने यह फैसला परमेश्वरी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली सुमन माहेश्वरी की याचिका पर दिया है। अदालत ने माना कि सरपंच पद के लिए वांछित आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने संबंधी शर्त परमेश्वरी ने पूरी नहीं की इसलिए उसका सरपंच पद पर चुनाव शून्य है।
अदालत के समक्ष सुमन माहेश्वरी ने वकील एसके सक्सेना व आशीष सक्सेना के जरिये याचिका दायर की थी। सुमन का कहना था कि राज्य सरकार की पंचायती चुनाव को लेकर 20 दिसंबर 2014 को जारी अधिसूचना के तहत ग्राम पंचायत सरपंच के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं उत्तीर्ण रखी गई थी। परमेश्वरी आठवीं कक्षा उत्तीर्ण नहीं थी इसके बावजूद उसने कूटरचित दस्तावेज बनाकर चुनाव लड़ा। नामांकन पत्र के साथ आठवीं उत्तीर्ण की जो अंकतालिका पेश की गई थी वह दूदू के किसी गणेश मेमोरियल सीनियर सेकेंड्री स्कूल साखून की थी। प्रार्थी सुमन माहेश्वरी के वकील की दलील थी कि साल 2010-11 की जो अंकतालिका पेश की गई वह जाली है क्योंकि इस साल परीक्षा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डाइट द्वारा ली गई थी। माहेश्वरी ने परमेश्वरी का निर्वाचन निरस्त कर उसे सरपंच निर्वाचित घोषित किए जाने की भी मांग की थी। अदालत ने आंशिक राहत देते हुए परमेश्वरी का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया लेकिन सुमन माहेश्वरी को सरपंच बनाने संबंधी प्रार्थना नामंजूर कर दी।