राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अजमेर और पुष्कर यात्रा के दौरान समय की व्यस्तता के कारण वे ब्रह्माजी के दर्शन नहीं कर सके।
राष्ट्रपति की पुष्कर यात्रा अल्प समय की थी और उन्होंने मुंबई के लिए निकलना था। सरकार, मंदिर के अधिकारियों और पुजारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद व्यस्त कार्यक्रम के चलते वे ब्रह्मा मंदिर के पूरे दर्शन नहीं कर पाए।
यह पूरी तरह से राष्ट्रपति का निर्णय था, इसमें और कोई कारक नहीं थे। इस मामले में किसी भी तरह की अफवाह या कोई शरारती मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल करना अपमानजनक है।