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‘साहित्य धारा’ में मुखर हुआ सिमटती संवेदनाओं का दर्द

3 वर्ष पहले
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अजयमेरू प्रेस क्लब की ओर से नए कवियों, साहित्यकारों को अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराने के लिए की गई नई पहल को नगर के साहित्यकारों ने खुले मन से सराहा है। शुक्रवार शाम हुई प्रथम मासिक साहित्यिक गोष्ठी ‘साहित्य धारा’ में 82 वर्ष के वयोवृद्ध कवि के साथ 30 वर्ष के युवा कवियों ने भी काव्य पाठ कर आयोजन को सार्थक पहचान दी। हास्य व्यंग्य के प्रसिद्ध कवि रासबिहारी गौड़ ने चिरपरिचित अंदाज में हास्य कविता ‘मेहमान बनने का टूट गया भ्रम दो न्योते आए, एक अनाथालय दूसरा वृद्धाश्रम....’। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए गौड़ ने कृष्ण और राधा के माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों पर गंभीर कटाक्ष भी किया।

युवा कवि गौरव दुबे ने ‘प्यार को भुलाने की करोगे लाख कोशिशें, भूलने ना देंगी पर निशानी प्यार की’ जैसे शृंगार रस के छंद सुनाए। संचालन कर रहे क्लब की अकादमिक व साहित्य समिति के संयोजक उमेश कुमार चौरसिया ने बचपन, जवानी और बुढ़ापे का यथार्थ बयां करते हुए ‘विचार को जीवित रखना है तो बुढ़ापे को सहेजो, बुजुर्गों का हाथ थामे रहो’ संवेदनशील कविता सुनाई।

लघु कविताओं के लिए प्रसिद्ध हिन्दी व पंजाबी के कवि बख्शीश सिंह ने सभी को बैसाखी पर्व की बधाई देते हुए ‘कुछ शब्दों और कुछ वाक्यों का अहसास देर से होता है या अहसास को देर हो जाती है’ सुनाकर तालियां बटोरीं।

विभिन्न रचनाओं में हास्य व्यंग्य के साथ व्यक्त की व्यथा
गोष्ठी में कवियित्री डाॅ. विनिता जैन ने ‘किसने देखा है अभी कि औरत मर्द से जीने का हक मांगती है’ सुनाकर स्त्री व्यथा का परिचय दिया तथा सुमन शर्मा ने ‘नारी तुम आखिर नारी हो’ के माध्यम से दकियानूसी सोच पर ध्यान दिलाया। वयोवृद्ध कवि जगदीश चंद्र जोशी भावुक ने चोर पर आधारित व्यंग्य रचना सुनाई, वहीं देवदत्त शर्मा ने पौराणिक संदर्भ में ‘अभी संहार बाकी है’ कविता सुनाई। युवा कवि आनन्द शर्मा ने ‘मिट्टी के आंगन पत्थर के हो गए’ के द्वारा खोते जा रहे बचपन की व्यथा बयां की तो प्रदीप गुप्ता ने अंग्रेजी स्कूल में एडमिशन पर करारी हास्य रचना सुनाई। पीके शर्मा ने बेटियों की स्थिति का वर्णन किया, रामविलास जांगिड़ ने पारिवारिक स्थितियों को कविता में बुना और राजकुमार पारीक ने ‘प्यार कभी न होगा कम’ रचना सुनाई। गोष्ठी में डाॅ. तेजसिंह कछवाहा, सरवर सिद्धीकी, अब्दुल सलाम कुरैशी, फरहाद सागर ने भी शेर और कविताएं सुनाई। क्लब के पूर्व महासचिव वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र गुंजल ने अजयमेरू प्रेस क्लब की गौरवपूर्ण गतिविधियों का परिचय देते हुए संस्थापक डाॅ. रमेश अग्रवाल की ओर से सभी का स्वागत किया। क्लब अध्यक्ष प्रताप सनकत ने संदेश के माध्यम से यह आह्वान किया कि संगोष्ठियों में अजमेर के सभी वरिष्ठ और नए रचनाकार जुड़कर साहित्य का सकारात्मक वातावरण स्थापित करें। महासचिव विनीत लोहिया ने बताया कि यह ‘साहित्य धारा’ साहित्यिक गोष्ठी प्रत्येक माह के दूसरे रविवार शाम 5 से 7 बजे तक गांधी भवन स्थित प्रैस क्लब भवन में आयोजित होगी, जिसमें नगर के सभी साहित्यकार भाग ले सकेंगे।

अजयमेरू प्रेस क्लब में आयोजित मासिक साहित्यिक गोष्ठी में भाग लेते रचनाकार।

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