मास्टर्स की बहुप्रतीक्षित प्री नीट परीक्षा ‘फाइनल से पहले फाइनल’15 अप्रैल को
अजमेर|मास्टर्स एकेडमी देश में 6 मई को आयोजित होने वाली नीट-2018 की परीक्षा की तैयारी के मद्देनज़र 15 अप्रैल को प्री-नीट की परीक्षा का आयोजन करने जा रहा है, इस परीक्षा में प्रवेश निशुल्क रखा है। यह परीक्षा मास्टर्स एकेडमी संस्थान तथा विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक होगी। मास्टर्स की अनुभवी फैकल्टी द्वारा बनाए गए पेपर में परीक्षा का स्तर नीट के समान रहने वाला है। इस परीक्षा का पेपर अंग्रेजी तथा हिन्दी दोनों माध्यमों में होगा। इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थी को फाइनल परीक्षा से पूर्व मानसिक रूप से मजबूत करने का है। यह प्री-नीट परीक्षा विद्यार्थी के लिए एक मॉकड्रिल साबित होगी, जिसमें वह अपनी तैयारियों को पूरी तरह से जांच सकता है।
प्री-नीट: विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर
इस परीक्षा के द्वारा विद्यार्थी फाइनल नीट परीक्षा के लिए अपनी तैयारियों का गहनता से विश्लेषण कर सकते हैं तथा प्रत्येक विद्यार्थी को यह ठान लेना है कि एक भी प्रश्न ओएमआर फिलिंग में गलत नहीं हो। परीक्षा हाॅल के माहौल तथा उस मानसिक स्थिति से सामंजस्य बैठाकर कैसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जाए? इसका एक पूर्व अनुभव निश्चित रूप से विद्यार्थी के फाइनल रिजल्ट को हाई लेवल पर ले जाएगा। 15 अप्रैल को मास्टर्स एकेडमी पर प्री-नीट परीक्षा के बाद मास्टर्स की मेडिकल एक्सपर्ट फैकल्टी टीम के साथ पेपर का डिस्कशन होगा। प्रत्येक परीक्षार्थी को प्री-नीट एग्जाम के बाद ‘मास्टर्स सक्सेस केटेलिस्ट’ के रूप में एक उपहार दिया जाएगा, जो फाइनल परीक्षा में शेष 20 दिनों में विद्यार्थी को नीट में अच्छा रैंक प्राप्त करने में सहायक साबित होगा। समस्या समाधान के लिए विद्यार्थी मास्टर्स की फैकल्टी का सहयोग प्राप्त कर सकता है।
मास्टर्स के निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि यदि इस परीक्षा में विद्यार्थी सामान्य तथा ओबीसी वर्ग का है और वह 550 या इससे अधिक अंक प्राप्त करने पर सफलता निश्चित है। आरक्षित वर्ग का विद्यार्थी 450 या इससे अधिक अंक प्राप्त करता है तो उसका नीट में चयन निश्चित है। यदि कोई विद्यार्थी मास्टर्स के प्री-नीट परीक्षा में उपरोक्त श्रेणियों में इनसे कम मार्क्स प्राप्त करता है तो उसको घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि ये परीक्षा तो सिर्फ एक डेमो एग्ज़ाम है। असली परीक्षा तो अभी बाकी है। इस परीक्षा में विद्यार्थी जो कमियां महसूस कर रहे हैं, उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ दूर कर सकता है।
अभिभावकों के लिए
इस वक्त में विद्यार्थियों को मानसिक सहयोग की आवश्यकता है, इसलिए पेरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बेेटे/बेटी की ढाल बनकर उनके साथ खड़े रहें। विद्यार्थी को इस वक्त केवल भावनात्मक साथ की जरू़रत है, बाकी सब कुछ वह स्वयं ही कर लेगा।