आत्मशक्ति पहचानों तो मिलेगा अनंत सुख : सुधासागर
अजमेर| ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र नारेली में शनिवार को आयोजित धर्मसभा में सुधासागर महाराज कहा कि काम-भोग इंद्रियां विषय आदि की कथा हमने अनेक बार सुनी, उससे परिचय किया लेकिन आज तक उसे अपनी एकत्व विभक्त आत्मा को न तो जाना और न ही उसका परिचय प्राप्त किया। जिस आत्मा में अनंत सुख भरा पड़ा है फिर भी अज्ञानता के कारण हम बाह्य पदार्थों में ही खोजते रहते हैं। उसी आत्मा को जानो और पहचानों। महाराज ने कहा कि तुम्हारी आत्मा में तो तीन लोक का नाथ बनने की शक्ति है, फिर तुम राजा होते हुए भी भिखारी क्यों बने हुए हो। अपने इस दारिद्रय रूप को छोड़कर अपने राज पद को स्वीकार करो, अपनी आत्म शक्ति को पहचानों क्योंकि तुम भी शक्ति रूप से परमात्मा हो। परमात्मा तो दर्पण है जिनमें हम अपने आत्म स्वरूप व वैभव को निहार सकते हैं। महाराज ने कहा कि हमने आज तक संसार के सभी पदार्थों काे अनन्त बार जाना पहचाना है और उन्हें जानकर क्रोध-मन-माया-लोभ इत्यादि कषायों की पुष्टि भी की, लेकिन एक ऐसी वस्तु पदार्थ है, जिससे हम अनभिज्ञ रहे। यदि उसे एक बार भी जानकर अनुभवित कर लेते, तो अन्य पदार्थ जानने की आवश्यकता नहीं होती।