जश्ने मेराज की महफिल हुई
दरगाह में शनिवार को जश्ने मेराज मनाया गया। इस मौके पर खुद्दाम ए ख्वाजा की ओर से महफिल का आयोजन किया गया। देर रात तक सजी महफिल में खासी तादाद में अकीदतमंद शरीक हुए।
दरगाह के अहाता ए नूर में आस्ताना शरीफ मामूल होने के बाद महफिल का आगाज कुरान शरीफ की तिलावत से हुआ। शाही कव्वाल पार्टी ने नात व मनकबत के नजराने पेश किए। शब ए मेराज की फजीलत पर बयान किया गया। सलातो सलाम के बाद दुआ ए खैर की गई। जश्ने मेराज का समापन रविवार को कुल की रस्म के साथ होगा।
जद्दे अमजदों के उर्स का समापन: इधर खादिमों के जद्दे अमजदों के दो दिवसीय उर्स के समापन शनिवार को हुए। सैयदजादों के जद्दे अमजद हजरत सैयद फखरुद्दीन गुर्देजी और शेखजादों के जद्दे अमजद हजरत शेखुल मशायख सैयद मोहम्मद यादगार चिश्ती सुल्तान सब्जवारी के दाे दिवसीय उर्स के मौके पर सुबह 11 बजे दरगाह के अहाता ए नूर में कुल की महफिल हुई। इस मौके पर अंजुमन सैयद जादगान के सदर सैयद मोइन हुसैन चिश्ती, उपाध्यक्ष सैयद इकबाल चिश्ती, सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, संयुक्त सचिव सैयद मुसब्बिर हुसैन चिश्ती समेत विभिन्न पदाधिकारी मौजूद थे।
अंजुमन शेखजादगान के सदर शेखजादा जर्रार अहमद चिश्ती, सचिव डॉ. माजिद चिश्ती, शफीकुरर्हमान चिश्ती, हाजी वसीमुद्दीन चिश्ती समेत विभिन्न पदाधिकारी मौजूद थे। दोपहर 1.15 बजे कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन हुआ। मगरिब की नमाज के बाद दोनों अंजुमन की ओर से लंगर के आयोजन किए गए।