वृद्धा से दुराचार करने वाले को सात साल कैद
साठ साल की वृद्धा से दुराचार के मामले में आरोपी रामगंज थाना क्षेत्र निवासी राकेश उर्फ राकुड़िया पुत्र धूलदास को विशेष अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश बृज माधुरी शर्मा ने कारावास के साथ ही 41 हजार रुपए जुर्माना भी किया है। मामले के अनुसार 23 जून 2014 की घटना है। पीड़िता जो कि 60 साल की वृद्धा थी, वह मंदिर में बैठी थी। तभी राकेश उर्फ राकुड़िया पुत्र धूलदास उसके पास आया और कहा कि उसने मुर्गी के पंजे पकाये हैं मेरे साथ घर चलकर खा लेना। उसकी बातों पर विश्वास करके पीड़िता उसके घर चली गई, जहां पर राकेश ने उससे दुराचार किया। पीड़िता ने 27 जून 2014 को रामगंज थाने में रिपोर्ट लिखाई। मुल्जिम को 15 सितंबर 2014 को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध आरोप पत्र पेश किया जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने 7 गवाह व 16 दस्तावेजात प्रदर्शित करवाए। इस प्रकरण में एक अन्य मुल्जिम कनक सांसी को पूर्व में माननीय न्यायालय के द्वारा 10 वर्ष कारावास व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया जा चुका है।
जज बृज माधुरी शर्मा ने मुल्जिम राकेश को सजा सुनाते हुए पारित निर्णय में कहा कि 60 वर्ष की बुजुर्ग महिला जो कि अभियुक्त की मां समान थी उसको खाना खिलाने के बहाने अपने घर ले गया और दुराचार किया। जो कि 60 वर्ष की वृद्धा के साथ घिनौना कृत्य है। अभियुक्त को दंडित किया जाना आवश्यक है। यदि अभियुक्त को दंडित नहीं किया गया तो इसका समाज पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।
दुराचार का प्रयास करने वाले मौसा को सजा
नाबालिग से दुराचार की कोशिश के आरोपी ग्राम पालरा निवासी रणजीत सिहं पुत्र मुकन सिंह रावत को विशेष अदालत ने तीन साल कैद और दस हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी रणजीत रिश्ते में पीड़िता का मौसा है। पीड़ित पक्ष के वकील संजीव टंडन और विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन के अनुसार आदर्श नगर थाना पुलिस ने 27 फरवरी 2013 को मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी रणजीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और 511 सहित पोक्सो के तहत चार्जशीट पेश की थी।