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निजी स्कूलों में मनमानी फीस को लेकर विरोध जताया

3 वर्ष पहले
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प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमानी फीस बढ़ोतरी और इस पर सरकार की खामोशी के विरोध में मंगलवार को शहर जिला कांग्रेस की ओर से कलेक्टर गौरव गोयल को ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेसियों की मांग है कि सरकार निजी स्कूलों में बढ़ी हुई फीस की समीक्षा कर फीस कम करवाए और कानून का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है कि सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए तो आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस प्रवक्ता मुजफ्फर भारती के अनुसार शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने मंगलवार को कलेक्टर गौरव गोयल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान विद्यालय फीस का विनियम विधेयक 2016 पारित किए जाने के उपरांत शिक्षा विभाग ग्रुप पांच राजस्थान जयपुर द्वारा 8 फरवरी 2017 को राजपत्रित अधिसूचना द्वारा निजी स्कूलों की फीस के विनियमन हेतु नियम बनाए गए थे। लेकिन 14 माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी निजी स्कूलों द्वारा विधानसभा द्वारा पारित कानून का पालन नहीं किया जा रहा है।

अधिनियम में स्पष्ट प्रावधान है कि निजी स्कूल अपनी मनमर्जी से फीस में वृद्धि नहीं कर सकते हैं। ज्ञापन में बताया कि फीस के विनियमन अथवा उसमें बढ़ोतरी के लिए शिक्षा विभाग के आदेशानुसार सभी निजी स्कूलों को अपने स्तर पर एक फीस कमेटी का गठन किया जाना आवश्यक है जिसमें स्कूल के प्रतिनिधि तथा अभिभावकों के प्रतिनिधि दोनों की सदस्यता अनिवार्य है। इस कमेटी के द्वारा स्कूल के आय और व्यय के लेखे-जोखे, तथा शैक्षणिक सुविधाओं जैसे कारकों के आधार पर ही फीस में बढ़ोतरी किया जाना संभव है। जबकि अजमेर शहर के केवल 20 प्रतिशत विद्यालयों ने ही फीस कमेटी का गठन किया है और यह भी केवल कागजी है।

कांग्रेसियों के अनुसार प्रथमदृष्टया आकलन में इस शैक्षिक वर्ष में 78 प्रतिशत फीस में वृद्धि की गई है, जबकि लगभग पिछले 5 वर्षों में औसतन 10 गुना फीस वृद्धि हो चुकी है। कांग्रेसियों का कहना है कि दुखद बिंदु यह है कि शिक्षा मंत्री के गृह जिले में फीस बढ़ाने का गोरख धंधा खुलेआम चल रहा है और सरकार व जिला प्रशासन का कतई नियंत्रण नहीं है। निजी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों को लेकर हो रही धांधली पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि विभिन्न न्यायालयों का स्पष्ट निर्देश है कि निजी स्कूल एक बार एडमिशन फीस लेंगे परंतु आदेशों की अवहेलना करते हुए सभी निजी स्कूल एडमिशन फीस कैपिटेशन फीस विकास शुल्क के नाम पर हर साल अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। शहर के कई नामी निजी शिक्षण संस्थान प्रतिवर्ष एडमिशन फीस वसूल कर सर्वोच्च न्यायालय की अवहेलना तो कर ही रहे हैं

साथ ही अभिभावकों का अवैध रूप से आर्थिक दोहन कर रहे हैं और शिक्षा का व्यवसायीकरण कर करोड़ों रुपए का लाभ कमा रहे हैं जो जांच का विषय है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन के नेतृत्व में कलेक्टर गौरव गोयल से मिले शिष्टमंडल में पूर्व मंत्री ललित भाटी, पूर्व विधायक डॉ राजकुमार जयपाल, डॉ श्री गोपाल बाहेती, प्रदेश कांग्रेस सचिव महेंद्र सिंह रलावता और हेमंत भाटी शामिल थे।

मीटिंग बीच में छोड़कर पहुंचे कलेक्टर ने कांग्रेसियों से नाराजगी जताई।

एडीएम ज्ञापन लेने पहुंचे तो कांग्रेसियों ने किया इनकार

कांग्रेसियों का शिष्टमंडल ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचा उस समय कलेक्टर गौरव गाेयल एक प्रशासनिक बैठक में व्यस्त थे। कांग्रेस नेता कलेक्टर कक्ष में बैठ गए आैर उनका इंतजार करने लगे। शहर अध्यक्ष विजय जैन के अनुसार कलेक्टर से दोपहर 12.30 बजे मुलाकात का समय तय था इसलिए 12.34 मिनट पर उन्होंने कलेक्टर को फोन कर बताया कि वे ज्ञापन देने आ गए हैं और इंतजार कर रहे हैं। गोयल ने तत्काल एडीएम अरविंद सेंगवा को भेज दिया लेकिन कांग्रेसियों ने उनको ज्ञापन सौंपने से इंकार कर दिया। गोयल बैठक से बीच में उठकर आए और कांग्रेसियों से ज्ञापन तो लिया लेकिन यह भी कहा कि आपने मीडिया को लेकर मेरी गैरमौजूदगी में चेंबर में प्रवेश किया, यह ठीक नहीं है। हालांकि यह तल्खी ज्यादा नहीं बढ़ी क्योंकि गोयल ने भी संयमित रूप से अपनी बात कह दी और कांग्रेसियों ने भी इसे मुद्दा नहीं बनाते हुए अपना ज्ञापन सौंपा और रवाना हो गए।

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