जिनके बलबूते पर करोड़ों कमाए, उन्हीं का हिस्सा डकार गए भू-कारोबारी
किशनगढ़ के निकट परासिया रोड पर बेशकीमती 92 बीघा जमीन इसलिए खूनी वारदातों का कारण बन गई है, क्योंकि भू कारोबारियों ने जिन लोगों के बलबूते पर विवादित जमीन के सौदे से करोड़ों का मुनाफा कमाया, उन्हीं के हिस्से की राशि भी वह डकार गए। मामले की पड़ताल में यह चौंकाने वाली जानकारी हासिल हुई है कि इस जमीन का सौदा पूर्व में रामकेश मीणा के साथ मिलकर भू कारोबारी सुरेंद्र चौधरी ने किया था। एग्रीमेंट रामकेश मीणा और कारोबार में साथी अक्षणि गुप्ता के नाम लिखा गया था। रामकेश ने 61 लाख रुपए और शेष राशि सुरेंद्र चौधरी ने करीब एक करोड़ बीस लाख रुपए का भुगतान एग्रीमेंट पर किया था। इस सौदे में गैंगस्टर धर्मेंद्र चौधरी की भी भूमिका रही थी। धर्मेंद्र चौधरी की हत्या के बदले के तौर पर रामकेश मीणा की हत्या हो गई। दोनों की मौत के बाद भू कारोबारियों की नियत बदल गई और वह खुद करोड़ों का मुनाफा डकार गए। सौदे में रामकेश की ओर से लगाई गई राशि भी भू कारोबारी हजम कर गए। रामकेश के पिता राधेश्याम मीणा ने इस राशि की वसूली के लिए भू कारोबारी सुरेंद्र चौधरी को वकील के जरिए कानूनी नोटिस भी दिया है, जबकि धर्मेंद्र चौधरी गिरोह के लोग पिछले दिनों किशनगढ़ के भू कारोबारी प्रदीप चौधरी पर फायरिंग कर चुके हैं।
इसी जमीन के सौदे में हिस्से को लेकर रामकेश मीणा की हत्या हो चुकी है, इसके बाद भू कारोबार में रामकेश के साथी रहे वकील सुरेंद्र चौधरी को भी जान से मारने की साजिश रची गई थी। दो दिन पहले किशनगढ़ के भू कारोबारी प्रदीप जैन पर फायरिंग की साजिश रचने वाला गजनी रामकेश मीणा की हत्या का आरोपी है, जबकि जैन पर फायरिंग की वारदात में शामिल गिरफ्तार आरोपी रामस्वरूप उर्फ शूटर और शुभम चौधरी को पूर्व में वकील सुरेंद्र चौधरी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अलवर गेट थाना पुलिस जांच के घेरे में ले चुकी है। नतीजतन आपराधिक गिरोह हिस्सा राशि वसूलने के लिए खूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
सुरेंद्र चौधरी ने की वादाखिलाफी
रामकेश मीणा की हत्या के बाद गिरोह का संचालन कर रहे संजय मीणा ने पिछले दिनों जेल से रामकेश के साथी रहे प्रापर्टी डीलर वकील सुरेंद्र सिंह चौधरी को जान से मारने की धमकियां दी थी। संजय मीणा चौधरी से रामकेश की पार्टनरशिप में किए किशनगढ़ के परासिया रोड इलाके में 92 बीघा जमीन के सौदे के मुनाफे की हिस्सा राशि करीब 60 लाख रुपए की डिमांड कर रहा है। राशि नहीं चुकाने पर उसने चौधरी को मौत के घाट उतारने की धमकी दी है। उल्लेखनीय है कि संजय मीणा हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में मुख्य आरोपी है। भू कारोबारी सुरेंद्र चौधरी वरुण चौधरी गैंग के भी निशाने पर है। जानकारी के अनुसार भू कारोबारी सुरेंद्र चौधरी ने विवादित जमीनों के सौदे करने के लिए रामकेश मीणा को कारोबार में हिस्सेदार बना लिया था। इसके तहत किशनगढ़ के भू कारोबारी प्रदीप जैन से परासिया रोड स्थित 92 बीघा जमीन खरीदने का एग्रीमेंट वर्ष 2014 में रामकेश मीणा और अक्षणि गुप्ता के नाम कराया था। इसमें रामकेश मीणा ने 60 लाख रुपए का इन्वेस्ट किया था। एग्रीमेंट पर सवा करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। शेष राशि सुरेंद्र चौधरी ने इन्वेस्ट की थी। रामकेश मीणा की हत्या के बाद भू कारोबारी सुरेंद्र चौधरी ने प्रदीप जैन से मिलकर रामकेश और गुप्ता के नाम जमीन का एग्रीमेंट रद्द करवा दिया।
सुरेंद्र चौधरी ने रामकेश मीणा के पिता राधेश्याम मीणा के नाम साठ लाख रुपए का चेक देकर यह भरोसा दिलाया था कि कैश राशि का भुगतान तीन महीने में कर दिया जाएगा। भरोसे में रामकेश की प|ी और पिता ने एग्रीमेंट रद्द करने के कागज पर हस्ताक्षर कर दिए थे। भू कारोबारी सुरेंद्र चौधरी ने एग्रीमेंट निरस्त करवा कर रामकेश की भागीदारी से मुक्ति पा ली, लेकिन वादे के मुताबिक रामकेश के परिजनों को साठ लाख रुपए का भुगतान नहीं किया। उधर चेक भी अवधिपार हो गया।
रामकेश मीणा के पिता के नाम दिया था 61 लाख का चेक