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बालपन में हुए अपराधों की अनूठी सजा

3 वर्ष पहले
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स्कूल जाते समय तेज स्कूटी चलाकर एक राहगीर को घायल करने पर 14 साल के बच्चे को सजा मिली एक्सट्रा क्लासेज की। अब वह सजा के तौर पर रोज तीन घंटे एक्सट्रा पढ़ रहा है।

कोर्ट ने स्कूल प्रशासन को भी बच्चे की एक्सट्रा क्लास के लिए व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एक बच्चे को हत्या की सजा में पौधा लगाने और पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने के आदेश दिए हैं। अजमेर बाल सुधार गृह में बाल अपचारियों के सुधार के लिए किशोर न्याय बोर्ड कुछ इसी तरह के अनूठे प्रयोग कर रहा है। बोर्ड ने हत्या, लूट और अन्य जघन्य मामलों में निरुद्ध अपचारियों को सजा के तौर पर पेड़ लगाने और जीवन पर्यंत उन्हें पालने की सजा देकर उन्हें अपराध बोध से मुक्त करने का प्रयास किया है। अपचारियों को सुधारने के लिए बोर्ड ने एक मामले में तो अपचारी को सामुदायिक सेवा करने के लिए पाबंद किया है।

हत्या, लूट व चोरी के अपचारियों को किशोर न्याय बोर्ड दे रहा ऐसी सजाएं जिसमें सुधार के साथ भविष्य भी संवर सके

बच्चों को ना हो अपराध बोध इसलिए किसी को पौधे लगाने की तो किसी को 3 घंटे एक्सट्रा क्लासेज में पढ़ने की सजा

हत्या, लूट और रेप के मामले में पांच अपचारी सुधार गृह में

अजमेर बाल सुधार गृह में जघन्य अपराधों मेंं निरुद्ध पांच अपचारियों के अलावा 25 ऐसे बालक हैं जो उपेक्षित हैं। किन्नर की हत्या कर लूट के मामले में निरुद्ध अपचारी को सुधारने के लिए नियमित काउंसलिंग और अध्ययन की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसी तरह नसीराबाद में कारोबारी के मुनीम की हत्या कर तीन लाख रुपए लूटने के मामले में निरुद्ध दो बाल अपचारियों को सुधार गृह में अनुबंधित टीचर ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई करवा रहे हैं।

अनुबंध पर हैं काउंसलर व टीचर

बाल सुधार गृह में अपचारियों की मानसिक स्थिति में सुधार के लिए काउंसलर और शिक्षा से जोड़े रखने के लिए टीचर और स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टर समाज कल्याण विभाग ने अनुबंध पर रखा है। बाल अपचारियों को उनकी इच्छा के भोजन का ध्यान रखा जा रहा है। महीने में एक बार विशेष भोजन दिया जाता है।

स्कूल, अस्पताल, सरकारी कार्यालय में सेवा कार्य करने की सजा

अजमेर में निजी स्कूल में अध्ययनरत छात्र को मोटर व्हीकल एक्ट में निरुद्ध किया गया था। उसके वाहन की टक्कर से व्यक्ति घायल हुआ था। किशोर न्याय बोर्ड ने अपचारी को रोजाना तीन घंटे एक्सट्रा क्लास में पढ़ने की सजा सुनाई। बोर्ड ने इस बारे में स्कूल प्रशासन को भी पाबंद किया कि अपचारी के लिए विशेष तौर पर रोजाना तीन घंटे एक्सट्रा क्लास की व्यवस्था की जाए।

किशोर न्याय बोर्ड ने बाल अपचारियों के सुधार के लिए 2017 में 34 प्रकरणों में निरुद्ध अपचारियों को 855 पौधे लगाने और देखभाल को पाबंद किया।

सरकारी दफ्तर और स्कूलों मेंं सेवा देने के लिए 39 अपचारियों को पाबंद किया। स्कूल, अस्पताल, सरकारी कार्यालय में सेवा कार्य करने की सजा मिली।

कुछ माह पहले नशीले पदार्थ तस्करी के मामले में निरुद्ध इंदौर के बाल अपचारी को बाल सुधार गृह में कूलर मरम्मत का काम सिखाया गया।

मारपीट, झगड़ा और अन्य मामलों में निरुद्ध 82 बच्चों को बाल सुधार गृह में काउंसलिंग के जरिए सुधारा गया।

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