सरवाड़| कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिरने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। कार्यकर्ताओं की ओर से बस स्टैंड पर आतिशबाजी कर व मिठाई खिलाकर एक दूसरे को बधाई दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कर्नाटक में भाजपा ने लोकतंत्र का गला घोटने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार सच्चाई की जीत हुई। मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा देना पड़ा। ब्लॉक अध्यक्ष प्रधान धाकड़ ने इसे लोकतंत्र की जीत बताई। इस दौरान पार्षद अतीक तंवर, एनएसयूआई प्रदेश सोशल मीडिया सहप्रमुख अर्जुन आचार्य, कुलदीप सिंह जैसावत, यूथ अध्यक्ष आशीष जैन, अमित जैन, अभिषेक गोखरू, मांगीलाल माली, राजेश शर्मा, इमरान तंवर, राधेश्याम रेगर, आरिफ नेब, शमसुद्दीन कुरैशी, अलीमुद्दीन पठान, टीकम चंद अजमेरा, रामस्वरूप प्रजापति, फिरोज हरसौरी, शिवराज गुर्जर, बालू गुर्जर, रामप्रकाश सोनी, ओमा मालाकार, प्रदीप कक्कड़, अभिषेक कोमल, रामप्रसाद खिंची, यासीन अंसारी आदि ने खुशी जताई।
खरवा| कर्नाटक विधानसभा में येदियुरप्पा को बहुमत नहीं मिल पाने और मुख्यमंत्री द्वारा त्याग पत्र देने पर खरवा व पीपलाज मे स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशियां मनाई। जैसे ही सरकार गिरने की खबर मिली, कांग्रेसी कार्यकर्ता बस स्टैण्ड पहुंच गए और एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर बधाईयां दी इसे न्यायपालिका व लोकतंत्र की जीत बताया।
मसूदा|स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार द्वारा इस्तीफा देने पर खुशी जताई। कर्नाटक में भाजपा की अल्पमत सरकार द्वारा इस्तीफा देने पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इकबाल मंसूरी ने इसे सत्य की जीत बताया। भाजपा की सरकार अल्पमत सरकार में होते हुए येदियुरप्पा सरकार बनाई थी जो विधानसभा में सामना नहीं करते हुए इस्तीफा दे दिया।
ब्लॉक कांग्रेस ने की राज्यपाल को बर्खास्त करने की मांग
ब्यावर| ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री बी.एस.येदुरप्पा की ओर से विधान सभा में बिना विश्वास मत पेश कर इस्तीफा देने पर प्रसन्नता प्रकट की है। इसके अतिरिक्त कमेटी ने कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या, उपहास के लिए जिम्मेदार राज्यपाल वजुभाई वाला को तत्काल बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रपति से की है। कमेटी के प्रवक्ता घनश्याम वर्मा ने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष अजय शर्मा सहित कांग्रेस के समस्त नेताओं व कार्यकर्ताआें ने राज्यपाल के उक्त गलत नियुक्ति को देश के लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन बताया है। राज्यपाल वजुभाई वाला ने संवैधानिक कर्त्तव्य की पालना करने की बजाय भाजपा के एजेंट की तरह काम कर इस गरिमामय पद की प्रतिष्ठा भंग करने की बात कही है। ऐसे में राष्ट्रपति को चाहिए है कि वह तत्काल इस अपराध के लिए जिम्मेदार राज्यपाल को बर्खास्त करे, जिससे भविष्य में कोई भी राज्यपाल सविंधान का अपमान करने का साहस ना कर सके।