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गगवाना में ग्रामीणों ने रोडवेज बस रोकी

3 वर्ष पहले
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अजमेर | बसों की कमी के कारण रास्ता बदलने से खफा गगवाना के ग्रामीणों ने सोमवार को रोडवेज बस रोक ली। रोडवेज अफसर के आश्वासन के बाद बस को छोड़ा। इधर, रोडवेज प्रशासन को बस और ड्राइवरों की कमी की वजह इस समस्या का निस्तारण करने का कोई रास्ता नजर आ रहे हैं। इसके चलते अब रोडवेज प्रशासन लोगों को जनप्रतिनिधियों से गुहार करने की नसीहत दे रहा है। रोडवेज प्रशासन गगवाना के लिए चार बसों का संचालन कर रहा है। सूत्रों के अनुसार इसमें से कुछ बसें शाम के समय बाहर से निकल जाती है। इसकी वजह से स्थानीय लोगों को किशनगढ़ जाने अथवा अजमेर आने के परेशानी होती थी। गुस्साए स्थानीय वाशिंदों ने सोमवार की सुबह रोडवेज की बस रोक ली। स्थानीय लोगों का कहना था कि पहले रोडवेज प्रशासन 6 बसों का संचालन करता था, लेकिन अब चार बसों का ही संचालन कर रहा है। संचालित बसों में भी कुछ बसें शाम के समय गांव में आने के बजाए बाहर से ही निकल जाती हैं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बस रोकने के बाद मैनेजर ऑप्रेशन भरत राव मौके पर पहुंचे। लोगों ने राव को खरी खोटी सुनाई। राव ने लोगों को आश्वासन दिया कि बसों का संचालन बढ़ा दिया जाएगा। करीब एक घंटे जद्दोजहद के बास स्थानीय लोगों ने बस को जाने दिया। इसके चलते बस में बैठी सवारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जनप्रतिनिधि से करो गुहार : बसों और स्टाफ की कमी से रोजवेज प्रशासन भी कितना परेशान है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मैनेजर ऑपरेशन भरत राव ने स्थानीय लोगों से कहा कि इस समस्या से निजात पानी है तो अपने जनप्रतिनिधि से कहो कि अजमेर में भर्ती करवाएं अथवा दूसरी जगह से भिजवाएं, तभी समस्या सुलझ पाएगी। गौरतलब है कि रोडवेज विभाग में 60 कंडक्टर और चालीस बसों की कमी है। स्थानीय प्रशासन कई बार मुख्यालय को समस्या से अवगत करा चुका है, लेकिन कोई हल निकला। सूत्रों का कहना है लंबे समय से रोडवेज प्रशासन ने कोई भर्ती नहीं कि है, इसके चलते पूरे प्रदेश के डिपो में स्टाफ की कमी है।

स्टाफ की कमी है। बसें पुरानी हो गई है। इसके अलावा इनकी संख्या आवश्यकता से कम है। मुख्यालय को समस्या से अवगत करा दिया है। जनप्रतिनिधि अपने स्तर प्रयास करेंगे तो समस्या हल हो सकता है। -भरत राव, मैनेजर ऑपरेशन

अजमेर | बसों की कमी के कारण रास्ता बदलने से खफा गगवाना के ग्रामीणों ने सोमवार को रोडवेज बस रोक ली। रोडवेज अफसर के आश्वासन के बाद बस को छोड़ा। इधर, रोडवेज प्रशासन को बस और ड्राइवरों की कमी की वजह इस समस्या का निस्तारण करने का कोई रास्ता नजर आ रहे हैं। इसके चलते अब रोडवेज प्रशासन लोगों को जनप्रतिनिधियों से गुहार करने की नसीहत दे रहा है। रोडवेज प्रशासन गगवाना के लिए चार बसों का संचालन कर रहा है। सूत्रों के अनुसार इसमें से कुछ बसें शाम के समय बाहर से निकल जाती है। इसकी वजह से स्थानीय लोगों को किशनगढ़ जाने अथवा अजमेर आने के परेशानी होती थी। गुस्साए स्थानीय वाशिंदों ने सोमवार की सुबह रोडवेज की बस रोक ली। स्थानीय लोगों का कहना था कि पहले रोडवेज प्रशासन 6 बसों का संचालन करता था, लेकिन अब चार बसों का ही संचालन कर रहा है। संचालित बसों में भी कुछ बसें शाम के समय गांव में आने के बजाए बाहर से ही निकल जाती हैं। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बस रोकने के बाद मैनेजर ऑप्रेशन भरत राव मौके पर पहुंचे। लोगों ने राव को खरी खोटी सुनाई। राव ने लोगों को आश्वासन दिया कि बसों का संचालन बढ़ा दिया जाएगा। करीब एक घंटे जद्दोजहद के बास स्थानीय लोगों ने बस को जाने दिया। इसके चलते बस में बैठी सवारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जनप्रतिनिधि से करो गुहार : बसों और स्टाफ की कमी से रोजवेज प्रशासन भी कितना परेशान है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मैनेजर ऑपरेशन भरत राव ने स्थानीय लोगों से कहा कि इस समस्या से निजात पानी है तो अपने जनप्रतिनिधि से कहो कि अजमेर में भर्ती करवाएं अथवा दूसरी जगह से भिजवाएं, तभी समस्या सुलझ पाएगी। गौरतलब है कि रोडवेज विभाग में 60 कंडक्टर और चालीस बसों की कमी है। स्थानीय प्रशासन कई बार मुख्यालय को समस्या से अवगत करा चुका है, लेकिन कोई हल निकला। सूत्रों का कहना है लंबे समय से रोडवेज प्रशासन ने कोई भर्ती नहीं कि है, इसके चलते पूरे प्रदेश के डिपो में स्टाफ की कमी है।

स्टाफ की कमी है। बसें पुरानी हो गई है। इसके अलावा इनकी संख्या आवश्यकता से कम है। मुख्यालय को समस्या से अवगत करा दिया है। जनप्रतिनिधि अपने स्तर प्रयास करेंगे तो समस्या हल हो सकता है। -भरत राव, मैनेजर ऑपरेशन

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