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पिछली बार 80 दिन बाद आरपीएससी को मिला था अध्यक्ष, अब भी 20 दिन से खाली है कुर्सी

3 वर्ष पहले
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राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की कुर्सी पिछली बार 80 दिन बाद भरी थी, इस कुर्सी को खाली हुए 20 दिन पूरे हो चुके हैं। अब तक सरकार की ओर से इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। सरकार किसी नए व्यक्ति को चेयरमेन लाएगी या फिर मौजूदा सदस्यों में से ही किसी को अध्यक्ष पद के लिए प्रमोट करेगी इसका भी कोई खुलासा नहीं है। आयोग के अब तक के अंतिम अध्यक्ष के रूप में डॉ. राधेश्याम गर्ग अपनी पारी पूरी कर 1 मई को विदा हो गए हैं। उन्होंने किसी को अपने पद का कार्यभार नहीं सौंपा था और पद त्याग कर चले गए थे। तब से ही अध्यक्ष पद की कुर्सी खाली है। सरकार का ध्यान अब इस कुर्सी काे भरने पर कब पड़ता है, यह कहना फिलहाल मुश्किल है।

कुछ सालों से ही गड़बड़ा रही है यह व्यवस्था : आयोग के वर्ष 2010 से अब तक के कार्यकाल का जायजा लिया जाए तो मालूम होगा कि यह व्यवस्था कुछ सालों से ही गड़बड़ा रही है। फरवरी 2010 से सितंबर 2014 तक ही सही समय पर कुर्सी भरी गई। इसके बाद पहले गेप रहा और फिर समय पर भर गई और बाद में फिर वापस अंतराल आ गया।

आईपीएस कुमावत से गौराण तक सही चला मामला : आयोग में आईपीएस एमएल कुमावत ने अध्यक्ष के रूप में अपनी पारी की शुरूआत 28 फरवरी 2010 को शुरू की थी। वह इस पद पर 1 जुलाई 2011 तक रहे। तत्कालीन सरकार ने एक दिन की भी देरी नहीं की और उनका कार्यकाल पूरा होने वाले दिन ही आयोग के सदस्य प्रो.बीएम शर्मा को अध्यक्ष बना दिया। शर्मा का कार्यकाल 31 अगस्त 2012 को पूरा हो गया। यहां भी सरकार ने नए अध्यक्ष को लगाने में देरी नहीं की। आयोग के सदस्य हबीब खान गौराण आईपीएस को प्रमोट कर अध्यक्ष का पद संभला दिया।

गौराण के बाद बिगड़ी स्थिति : आईपीएस गौराण को कांग्रेस सरकार ने अध्यक्ष बनाया था। जब प्रदेश में सरकार बदली तो गौराण को किन्हीं कारणों के चलते इस्तीफा देना पड़ा। गौराण ने 22 सितंबर 2014 को पद से इस्तीफा दे दिया। मौजूदा भाजपा सरकार ने उनके स्थान पर किसी को अध्यक्ष नहीं लगाया। आयोग के ही वरिष्ठ सदस्य डॉ. आर डी सैनी को कार्यवाहक अध्यक्ष का चार्ज संभला दिया।

रि. आईएएस पंवार को भेजा सरकार ने : करीब एक साल के इंतजार के बाद भाजपा सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. ललित के. पंवार को 10 अगस्त 2015 को अध्यक्ष बना कर भेजा। वे सीधे अध्यक्ष के रूप में यहां आए। डॉ. पंवार ने 10 जुलाई 2017 को पद त्याग दिया। भाजपा सरकार ने इस बार भी अध्यक्ष बनाने में देरी नहीं की, भले ही अध्यक्ष करीब ढाई महीने के लिए ही बनाया गया। डॉ. पंवार के बाद आयोग में ही सदस्य श्याम सुंदर शर्मा को 11 जुलाई 2017 को अध्यक्ष पद का चार्ज संभलवाया गया। शर्मा 28 सितंबर 2017 तक इस पद पर रहे और उन्होंने भी पंवार का अनुसरण करते हुए पद त्याग दिया। फिर कार्यवाहक अध्यक्ष कोई नहीं रहा।

नया अध्यक्ष ढूंढने में 80 दिन लग गए

शर्मा के बाद सरकार को आयोग का नया अध्यक्ष ढूंढने में 80 दिन लग गए। सरकार ने धौलपुर के संघ से जुड़े सर्जन डॉ. राधे श्याम गर्ग को आयोग का अध्यक्ष बना कर सबको चौंका दिया। डॉ. गर्ग 1 मई को विदा हो गए हैं, अब तब से ही अध्यक्ष की कुर्सी खाली है।

सरकार प्रमोट करेगी या नया लगाएगी

आयोग में अब चर्चा यही है कि सरकार आयोग का नया अध्यक्ष आयोग के किसी सदस्य को प्रमोट कर बनाएगी या फिर किसी नए व्यक्ति को भेजेगी। यदि सदस्य को प्रमोट करने का मामला आता है तो भाजपा सरकार के ही कार्यकाल में सदस्य बने डॉ. शिव सिंह राठौड़ का नाम ही पहले नंबर पर आता है। यदि सरकार किसी नए व्यक्ति काे अध्यक्ष पद पर लाएगी तो फिर राजनीतिक समीकरणों देखा जाएगा।

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