अजमेर | देहली गेट शनि मंदिर के निकट शातिर चोर द्वारा वृद्ध की हत्या और उसके पुत्र को जख्मी करने की वारदात के बाद एसपी राजेन्द्र सिंह चौधरी के निर्देश पर जिले भर में पुलिस ने किराएदारों और बाहरी लोगों के पुलिस वेरीफिकेशन की कार्रवाई की है। दो दिन में जिले में पुलिस दलों ने 3800 लोगों का वेरीफिकेशन किया और उनका ब्यौरा जुटाया है। एसपी के अनुसार संदिग्ध लोगों के बारे में संबंधित प्रदेशों में पुलिस से तस्दीक रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। सभी थाना क्षेत्रों में किराएदार, खानाबदोश और बाहरी लोगों का वेरीफिकेशन की कार्रवाई नियमित की जाएगी। सबसे ज्यादा दरगाह इलाके में बाहरी लोग रह रहे हैं। अभी तक पुलिस ने साढ़े चार सौ लोगों का वेरीफिकेशन किया है।
इसलिए वेरिफिकेशन जरूरी | दरगाह और गंज इलाके में खानाबदोश की तरह रहने वाले लोगों की आपराधिक और अनैतिक गतिविधियों में लिप्तता कई बार सामने आ चुकी है, वारदात के बाद पुलिस इनपर अंकुश लगाने के लिए तस्दीक की कार्रवाई करने के दावे तो करती है, लेकिन इस पर कारगर तरीके से अमल नहीं किया जाता। तीन महीने पहले दरगाह इलाके के गेस्ट हाउस में काम करने वाले बिहार और बंगाल के युवकों ने नाई मोहल्ला इलाके में एक कारोबारी की हत्या कर उसके घर से नकदी व जेवर लूट लिए थे। इस वारदात के बाद पुलिस अधिकारियों ने इलाके में रहने वाले बाहरी लोगों की पुलिस तस्दीक कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी तरह कायड़ इलाके में करीब आठ महीने पहले अज्ञात लोगों ने एक मकान में घुसकर महिला की हत्या कर दी थी।