शहर इतना बड़ा नहीं है, जहां काम कराएं आैर पता ही न चले : डॉ. शर्मा
स्वायत्त शासन विभाग, अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड एवं ईलेट्स टेक्नोमीडिया प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान 29वीं स्मार्ट सिटी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सांसद डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि शहर इतना बड़ा नहीं हो गया जहां पर काम किया जाए और किसी को दिखे ही नहीं। इस योजना को शुरू किए दो साल पूरे होने को आ रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम दिख नहीं रहा है। 24 घंटे पीने का शुद्ध पानी, 24 घंटे बिजली आपूर्ति, विश्व स्तरीय स्कूल और अस्पताल सहित मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिलनी चाहिए। सितंबर 2016 में शुरू हुई योजना वर्ष 2021 में पूरी होनी है। अब तक स्मार्ट सिटी अजमेर में क्या-क्या काम हुए अधिकारियों के पास जवाब ही नहीं है।
फॉयसागर रोड स्थित होटल ग्रांड जिनिया में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि अजमेर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एडीए, नगर निगम एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से शहर का स्वरूप बदलने लगा है।
आनासागर के चारों ओर शीघ्र ही पाथ-वे का निर्माण चल रहा है। सुभाष उद्यान में जॉगिंग, ट्रैकिंग एवं साइकलिंग ट्रैक, योग उद्यान जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। शहर में 24 घंटे जलापूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। एडीए अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा ने कहा कि स्मार्ट सिटी में लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिले तथा वहां के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा हो, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप स्मारक, श्मशान स्थलों का विकास, सड़काें एवं नालियों का निर्माण करने के साथ ही यहां स्पोर्टस हब, दयानंद सरस्वती का स्मारक का कार्य शीघ्र होगा। वहीं एलिवेटेड रोड के लिए भी कार्यादेश दिया जा चुका है। उन्होंने नगर निगम से आनासागर में मिलने वाले नालाें को सही करने की जरूरत बतायी। महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने बताया कि पार्कों का विकास, घर-घर कचरा संग्रहण एवं घरों में शौचालय बनाने का कार्य सफल रहा है। कार्यशाला में अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला कलक्टर गौरव गोयल, नगर निगम के उपमहापौर संपत सांखला, निगम उपायुक्त गजेंद्र सिंह रलावता, ज्योति ककवानी, एडीए सचिव हेमंत माथुर सहित स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के देश भर से 20 शहरों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जिनके कंधों पर है जिम्मेदारी, उनका है ऐसा रवैया
अजमेर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने काे लेकर कई सेमिनार हो चुकी हैं। लगभग सभी सेमिनार बड़े होटलों में ही हुई हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों सहित संबंधित अधिकारियों को आमंत्रित किया जाता है। इन सेमिनारों का हाल यह है कि जिनके कंधों पर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की जिम्मेदारी है, इन सेमिनार में उनका नकारात्मक रवैया देखते ही बनता है। होटल ग्रांट जिनिया में आयोजित कार्यशाला में मंच पर बैठे जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी बातचीत में लगे रहे। कुछ मोबाइल पर बात करते नजर आए।
पुस्तक का किया विमोचन
कार्यशाला में कर्नाटक सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी विकास महेन्द्र कुमार जैन, यूएसटीडीए की मेहनाज अंसारी, मलेशिया के मोहम्मद अफजर बीन अब्दुल्ला ने भी स्मार्ट सिटी के तहत हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्यों को दर्शाती पुस्तिका ‘ई-जीओवी’ का विमोचन किया गया।