कड़ी प्रक्रिया से जारी होगा अनुभव प्रमाणपत्र
अजमेर| नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की सीधी भर्ती के लिए 10 हजार फार्म छपवाए हैं। इस भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निगम आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने उपायुक्त (प्रशासन) ज्योति ककवानी को नोडल अधिकारी बनाया है। अनुभव प्रमाण जारी करने की जिम्मेदारी उपायुक्त (विकास) गजेंद्र सिंह रलावता को सौंपी गई है। अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्र तीन चरणों से होकर गुजरेगा। जहां फर्जी की संभावना होगी तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। रलावता ने बताया कि मंगलवार को 300 से अधिक आवेदन लिए गए हैं, लेकिन एक भी जमा नहीं हुआ है। अनुभव प्रमाण जारी करने से पहले जमादार, सफाई निरीक्षक और स्वास्थ्य अधिकारी अपने स्तर पर जांच कर अनुशंसा करेंगे। इसके बाद उपायुक्त स्तर पर भी जांच की जाएगी।
आवेदन जांच के लिए अधिकारी नियुक्त : रलावता ने बताया कि जूनियर लेखाधिकारी, बाबू को आवेदन की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उद्यान शाखा में उक्त अधिकारी आवेदकों के फार्म जांच करने के बाद ही जमा करेंगे। अभ्यर्थियों के नाम रजिस्टर में इंद्राज किए जाएंगे। इसके बाद ओसवाल डाटा से सूची तैयार की जाएगी। एक माह तक आवेदन भरने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इसके बाद कलेक्ट्रेट में लॉटरी निकाली जाएगी। 1115 पदों के लिए करीब 10 से 12 हजार आवेदन आने की उम्मीद है।
अन्य विभागों के मुखिया भी जारी कर सकते हैं अनुभव प्रमाण पत्र : निगम के अलावा अन्य विभाग जैसे चिकित्सा, एडीए, कलेक्ट्रेट सहित अन्य सरकारी महकमों में संविदा पर काम करने वाले सफाई श्रमिकों के अनुभव प्रमाण पत्र उक्त विभाग के मुखिया द्वारा ही जारी अनुभव प्रमाण पत्र ही मान्य होगा। यदि किसी अधीनस्थ अधिकारी की ओर से अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाता है तो वह मान्य नहीं होगा। वर्ष 2000 से पहले निकायों में अस्थाई सफाई कर्मचारी लगाए जाते थे। इनकी उपस्थिति मस्टररोल में इंद्राज हुआ करती थी। ऐसे श्रमिक अनुभव प्रमाण पत्र चाहते हैं तो वे निगम से प्राप्त कर सकते हैं।